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जयपुर के महल रोड पर डरा रहे यूनीपोल, पब्लिसिटी के चुपचाप साइज बढ़ा रही एनएस

मुम्बई में भारी भरकम यूनीपोल गिरने और उसकी चपेट में आने से 16 लोगों की मौत के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने बड़े होर्डिंग हटाना शुरू कर दिया है। वहीं, राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां अब तक निगम अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है।

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जयपुर

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Supriya Rani

May 20, 2024

जयपुर. मुम्बई में भारी भरकम यूनीपोल गिरने और उसकी चपेट में आने से 16 लोगों की मौत के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने बड़े होर्डिंग हटाना शुरू कर दिया है। वहीं, राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां अब तक निगम अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। स्थिति यह है कि महल रोड पर तय साइज से दो गुना बड़े होर्डिंग लगाकर एनएस पब्लिसिटी लोगों की जान पर खेल रही है और निगम अधिकारी यूनिक के नाम पर आंखें बंद किए हुए हैं। ये यूनीपोल लोगों को डरा रहे हैं। यूनिक के नाम पर एनएस पब्लिसिटी ने 20 यूनीपोल लगाए और दूसरी ओर इसका साइज बढ़ा लिया। जबकि, अनुबंध के तहत एक यूनीपोल पर दोनों ओर होर्डिंग लगाने थे, लेकिन फर्म ने दोनों ओर से देखते हुए दो डिस्प्ले लगाए और उन पर विज्ञापन चस्पा कर दिए। इससे न सिर्फ यूनीपोल का आकार बढ़ गया, बल्कि लोगों की सुरक्षा से भी फर्म खिलवाड़ कर रही है।


बीएमसी सक्रिय, होगी आकार की जांच


मुम्बई में बीएमसी के अधिकारी हादसे के बाद सक्रिय हो गए हैं। हादसे के बाद अनाधिकृत रूप से लगाए बड़े होर्डिंग्स हटाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा एक टीम गठित कर यूनीपोल व अन्य विज्ञापन साइट की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि कई एजेंसियों ने अपने स्तर पर ही विज्ञापन साइट का आकार बढ़ा लिया।

एनएस की मनमानी के लिए ये जिम्मेदार

-रूकमणी रियाड़, आयुक्त
-जनार्दन शर्मा, उपायुक्त, राजस्व
-सभी सात जोन के उपायुक्त


मिलीभगत का आलम ये


एनएस पब्लिसिटी और निगम अधिकारियों की मिलीभगत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि निगम ने सरकारी को छोड़कर निजी साइट पर विज्ञापन लगवाए। निगम ने वर्ष 2018 में 34 हजार वर्ग फीट विज्ञापन लगवाए थे। इसमें निगम ने करीब दो करोड़ रुपए खर्च किए। जबकि, निगम इस काम को महज पांच लाख रुपए में कर सकता था। क्योंकि स्वायत्त शासन विभाग और निगम की साइट खाली पड़ी थीं। लेखा परीक्षण की रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद भी नगर निगम जिम्मेदार अधिकारियों को बचा रहा है। महल रोड पर यूनिक यूनीपोल लगाए हैं। यदि दो से अधिक विज्ञापन संबंधित फर्म प्रदर्शित करेगी तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। चार वर्ष के बाद यूनीपोल निगम की सम्पत्ति होगी। अगली बार जो भी फर्म बोली में सफल होगी, उसे ये यूनीपोल मिलेंगे। और यदि किसी भी फर्म ने आकार बढ़ाया है तो कार्रवाई की जाएगी। -जनार्दन शर्मा, उपायुक्त राजस्व शाखा, ग्रेटर निगम

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