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राज्य में शिक्षा विभाग में अनलॉक टू की गाइडलाइन की अधूरी पालना !

कोरोना संकट ( Corona crisis ) को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई अनलॉक टू की गाइडलाइन ( Unlock 2 guideline ) में शिक्षा विभाग ( Department of Education ) से जुड़े दिशा निर्देशों की राज्य में अधूरी पालना की जा रही है।

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Unlocked-2 Guidelines Not properaly Followed By State

राज्य में शिक्षा विभाग में अनलॉक टू की गाइडलाइन की अधूरी पालना !

जयपुर/आशीष शर्मा
Department of Education : कोरोना संकट ( Corona crisis ) को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई अनलॉक टू की गाइडलाइन ( Unlock 2 guideline ) में शिक्षा विभाग ( Department of Education ) से जुड़े दिशा निर्देशों की राज्य में अधूरी पालना की जा रही है। इस गाइडलाइन में 31 जुलाई तक सभी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थाओं और कोचिंग्स को बंद करने के निर्देश की पालना करते हुए राज्य सरकार ने करते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को 31 जुलाई तक बंद कर रखा है लेकिन स्कूल और कॉलेजों में शिक्षक, स्टॉफ को बुलाया जा रहा है जबकि केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शिक्षक स्टॉफ को वर्क फ्रॉम होम के जरिए काम करवाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। केन्द्रीय गाइडलाइन की अधूरी पालना करने और स्कूली स्टॉफ के कोरोना पॉजिटिव होने के प्रकरण सामने आने के बाद अब शिक्षक प्रतिनिधियों की ओर से शिक्षक एवं स्टॉफ को शिक्षण संस्थानों में नहीं बुलाकर वर्क फ्रॉम होम करवाने की मांग उठाई जा रही है।

दरअसल, केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 29 जून को अनलॉक् टू की गाइडलाइन जारी की गई थी। जिसमें 31 जुलाई तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के लिए कहा गया था। इसके बाद राज्य में शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों के आने पर तो रोक लगा दी गई लेकिन शिक्षक एवं स्टॉफ को बुलाया जा रहा है, जबकि एमएचआरडी के 6 जुलाई के पत्र में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर केन्द्रीय गाइडलाइन के मुताबिक शिक्षण संस्थानों को बंद रखते हुए स्टॉफ को भी नहीं बुलाते हुए वर्क फ्रॉम होम से काम करवाने संबंधी निर्देश दिए गए हैं।

वर्क फ्रॉम होम बेहतर
राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम की प्रदेश संघर्ष समिति के संयोजक नवीन कुमार शर्मा का कहना है कि राज्य में जब स्कूल बंद हैं तो शिक्षक स्टॉफ को नहीं बुलाकर वर्क फ्रॉम के जरिए काम करवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में कोरोना के प्रकरण बढ़ने के साथ ही कई सरकारी स्कूल और कार्यालयों से जुड़े स्टॉफ के पॉजिटिव आने के प्रकरण भी सामने आए हैं। साथ ही आवागमन के साधनों की कमी के चलते भी स्टॉफ को स्कूलों तक पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
स्कूलों में 4 लाख से ज्यादा स्टॉफ
गौरतलब है कि राज्य में सरकारी स्कूलों में 4 लाख से ज्यादा स्टॉफ है जो कि इन दिनों कोरोना संकट में बिना विद्यार्थियों के भी स्कूल जा रहा है। हालांकि 13 जुलाई को शिक्षा ग्रुप—6 की ओर से एमएचआरडी से मिले निर्देशों पर प्राथमिक माध्यमिक शिक्षा निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान, राज्य स्कूल शिक्षा परिषद से जुड़े आला अधिकारियों से टिप्पणी मांगी गई है।