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पुज्य सिंधी पंचायत समिति की ओर से 101 बटुको का उपनयन जनेऊ संस्कार हुआ

पुज्य सिंधी पंचायत सेक्टर 28 और 29 प्रताप नगर सांगानेर में एक सौ एक बटुको का उपनयन संस्कार (जनेऊ) कराकर उन्हे धार्मिक जीवन मूल्यो के रक्षण संवर्धन हेतु संकल्पित कराया गया।

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जयपुर

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Shipra Gupta

Feb 27, 2024

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पुज्य सिंधी पंचायत सेक्टर 28 और 29 प्रताप नगर सांगानेर में एक सौ एक बटुको का उपनयन संस्कार (जनेऊ) कराकर उन्हे धार्मिक जीवन मूल्यो के रक्षण संवर्धन हेतु संकल्पित कराया गया। कार्यक्रम में पावन तीर्थ अमरापुर धाम की संत मंडली ने सभी बच्चों को आशीर्वाद दिया। संत मोनूराम महाराज ने कहा कि देवा एतस्यामवदन्त पूर्वे सप्तत्रपृषयस्तपसे ये निषेदु भीमा जन्या ब्राह्मणस्योपनीता दुर्धां दधति परमे व्योमन्, अर्थात-तपस्वी ऋषि और देवतागणों ने कहा कि यज्ञोपवीत की शक्ति महान है। यह शक्ति शुद्ध चरित्र और कठिन कर्त्तव्य पालन की प्रेरणा देती है।

इस यज्ञोपवीत को धारण करने से जीव-जन भी परम पद को पहुंच जाते हैं। उन्होने कहा यज्ञ हवन पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान हमारी धर्म संस्कृति और परम्पराओ की पहचान है। उन्होने कहा संस्कार के विना मनुष्य का जीवन भी पशुवत है। संस्कार ही हमे अपने गुण-दोष का बोध कराता है। समाज और राष्ट्र को अगर उच्च शिखर पर आसीन करना है तो हमे स्वयं और समाज को संस्कारवान बनाना होगा। हिन्दू धर्मानुरागी जन्म से लेकर अंतकाल तक विभिन्न संस्कारो से जुड़ा है,जिसके कारण ही आज वह और उसकी धार्मिक परम्पराये सुरक्षित ही नही जीवंत है।

उन्होने कहा यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं प्रजापतेर्यत्सहजं पुरस्तात्, आयुष्यमग्रयं प्रति मुञ्च शुभ्रं यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेज: अर्थात- यज्ञोपवीत परम पवित्र है, प्रजापति ईश्वर ने इसे सबके लिए सहज बनाया है। यह आयुवर्धक, स्फूर्तिदायक, बन्धनों से छुड़ाने वाला एवं पवित्रता,बल और तेज देता है। धार्मिक परम्पराओ को अक्षुण रखने के लिए ही हमारे पर्वजो ने विभिन्न संस्कारो को स्थापित किया। यह शास्त्रों के अनुसार दसवां संस्कार माना जाता है। जनेऊ संस्कार 10 से 15 वर्ष तक की उम्र में कर देना चाहिए। जनेऊ के नियमों अच्छी तरह से पालन करना चाहिए। इसका पालन हमारा कर्तव्य है।

संतो ने कहा कि उपनयन संस्कार अर्थात उप यानी नया , नयन माने जीवन , आज से तुम्हारा नया जन्म प्रारंभ हुआ है। बड़ो की आज्ञा एवम सेवा करना है। प्रतिदिन माता पिता गुरुजनों को प्रणाम करना है। संस्कार के बाद बच्चो को जनेऊ सदेव धारण करना चाहिए। पंडित विजेंदर ने विधि विधान से बच्चों का उपनयन संस्कार करवाया।
इस अवसर पर साईं गुलराज उदासी जी के द्वारा बहिराना साहिब की उपासना और सत्संग किया गया। पूज्य सिंधी पंचायत समिति सेक्टर 28, 29 प्रताप नगर सांगानेर जयपुर अध्यक्ष देवानंद कौरजानी महासचिव सुनील कुमार नथनी कोषाध्यक्ष मनोज कुमार तुलसी, राहुल रिजवानी, छबल दास नवलानी सुरेश हंसराजानी, रमेश कुमार मोटवानी, श्याम कोरानी ,अशोक गंगवानी, ईश्वर बच्चानी , हरीश कुमार मखीजा भारतीय सिंधु सभा नारायण दास नाजवानी उपस्थित रहें।