जयपुर मानसरोवर स्थित वीटी रोड मैदान में रविवार को विराट वैश्य महापंचायत का आयोजन हुआ। इसमें समाज की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक भागीदारी तय करने के लिए वैश्य समाज के ५० से अधिक प्रमुख घटकों के पदाधिकारी एक जाजम पर नजर आए। इस दौरान समाज हित से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चिंतन के साथ ही वैश्य समाज की भावी योजनाओं के प्रस्ताव भी पारित किए गए।

जनसंख्या के आधार पर नहीं मिल रहा प्रतिनिधित्व
समारोह के अध्यक्ष प्रदीप मित्तल ने कहा कि प्रदेश में समाज की आबादी के अनुपात में कभी भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है। समाज को विधानसभा चुनाव में 30 से 35 टिकट देने के साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव में भी उचित प्रतिनिधित्व मिले। संयोजक राकेश गुप्ता ने बताया कि प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आए समाजजन महापंचायत में शामिल हुए।

उत्सव सा माहौल
सुबह सात बजे से आयोजन स्थल पर समाजजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। समाजबंधुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए थे। बाहर से आए समाजबंधुओं के ठहरने-भोजन की व्यवस्था भी की गई।
चिकित्सा शिविर लगाया
एक समान पोशाक में समूह में कार्यक्रम स्थल पहुंची महिलाओं ने बॉलीवुड के गीतों पर डांस किया। वहीं, चिकित्सा शिविर में चिकित्सकों ने समाजजन के सेहत की जांच की। मंत्री सुभाष गर्ग, विधायक कालीचरण सराफ व अशोक लाहोटी सहित समाज के अन्य प्रबुद्धजन ने एकजुटता का आह्वान किया। गर्ग ने वैश्य कल्याण आयोग की स्थापना का समर्थन करते हुए कहा कि इससे व्यापारी वर्ग को संबल मिलेगा।

यह रही प्रमुख मांगें
विधानसभा चुनाव में दोनों प्रमुख पार्टियों से 35 से अधिक टिकटों की मांग।
ईडब्लयूएस आरक्षण 10 से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने व इसकी लिमिट बढ़ाकर 12 लाख की जाए।
संवैधानिक अधिकारों वाले व्यापारी कल्याण आयोग के गठन और व्यापारियों को पेंशन।
वैश्य समाज की उपजातियों के बीच रोटी-बेटी का संबंध।
यह रहे मौजूद
महेंद्र सिंघवी, ग्रेटर निगम के उपमहापौर पुनीत कर्णावट, नरेश मेहता, उमरावमल सिंघी, सत्यनारायण काबरा, केदारमल भाला, कांग्रेस नेता ज्योति खंडेलवाल, संगीता गर्ग, रमेश चंद गुप्ता, ध्रुवदास अग्रवाल, एन के गुप्ता, गोपाल गुप्ता, सुभाषचंद्र जैन, वीर कुमार जैन, ताराचंद नाटाणी व चारू गुप्ता सहित अन्य प्रबुद्धजन।