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Video: मिलकर सहेजें सुंदेलाव

यह कार्य किसी अकेले व्यक्ति का नहीं है।
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S.D. upadhyay

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Updated: 12 Dec 2015, 4:07 PM IST

जालोर. यह कार्य किसी अकेले व्यक्ति का नहीं है। शहर की ऐतिहासिक धरोहर जो हमें विरासत में मिली है इसे हम सभी को ही मिलकर सहेजना होगा। अगर सभी इसके लिए थोड़ा सा भी प्रयास करें और अपना कुछ योगदान इसके लिए दें तो आने वाली पीढिय़ां इस सौगात को कभी भूल नहीं पाएगी। शहर स्थित सुंदेलाव तालाब के सौंदर्यकरण और इसके विकास पर राजस्थान पत्रिका की ओर से शनिवार सवेरे आयोजित टॉक-शो में यह बात शहर के प्रबुद्धजनों ने कही। इस दौरान सभी ने इस विरासत को सहेजने और इसके सौंदर्यकरण के लिए सुंदर सुझाव भी दिए और इन सुझावों को साकार करने के लिए प्रशासन के साथ साथ शहरवासियों की भूमिका को भी जरूरी बताया। टॉक-शो में शामिल उम्रदराज और शहर के वरिष्ठ लोगों ने इसके लिए एक अभियान चलाने की भी मंशा जताई और आने वाले जनवरी महीने की 3 तारीख को सम्मिलित रूप से इकट्ठा होकर इसकी पहल करने का निर्णय भी किया।

चर्चा के दौरान साल दर साल घट रहे सुंदेलाव तालाब के कैचमेंट एरिया, बढ़ते अतिक्रमण पर रोक और स्वच्छता को लेकर सभी की यही राय रही कि जितना बचा है उसे अब और घटने नहीं दिया जाएगा और इसकी प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाने के लिए शहर की जनता खुद मिलकर अब बीड़ा उठाएगी। इस दौरान रुके पड़े वर्षाजल के प्राकृतिक रास्तों को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी एक टीम बनाने और स्वच्छता के लिए भी के सुझाव आए।