जयपुर. बैंड वादन की मधुर स्वर लहरियों के बीच हैरतअंगेज करतब दिखाते पहलवान, मंगलमूर्ति के जयकारों की गूंज। बुधवार को गणेश जन्मोत्सव के बाद शाही ठाठ बाठ—लवाजमे के बीच मोतीडूंगरी गणेश जी शोभायात्रा समिति की ओर से 36 वीं शोभायात्रा के दौरान ऐसा ही नजारा देखने को मिला। एक से बढ़कर भगवान की रोशनी से लकदक 30 से अधिक स्वचलित सहित 50 से अधिक स्वरूप, चित्र झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर से मुख्य रथ में विराजमान 14 फीट की मोतीडूंगरी मंदिर की स्वर्ण जड़ित झांकी की पूजा अर्चना कर महंत कैलाश शर्मा, राज्यपाल कलराज मिश्र ने पूजा अर्चना कर रवाना किया। 13 किमी.के रास्ते पर पुष्पवर्षा कर शहरवासियों ने 100 से अधिक जगहों पर स्वागत किया। सड़क, बाजारों के साथ ही छतों पर शहरवासियों ने भगवान की अठखेलियां देखी और कैमरे में कैद किया। हाथ जोड़कर आमजन ने विघ्नहर्ता से सुख समृद्धि की कामना की।

यह रहा रूट
यात्रा संयोजक प्रताप भानु सिंह शेखावत ने बताया कि मोतीडूंगरी रोड़, सांगानेरी गेट, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार, ब्रह्मपुरी होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचकर विसर्जित हुई। जगह-जगह आतिशबाजी की गई। एक दर्जन से अधिक संत महंतों ने आरती कर अगुवानी की।

यह झांकियां रही खास
मुख्य आकर्षण चंद्रयान-तीन की सफल लैंडिंग और विक्रम लैंडर से प्रज्ञान रोवर शिवशक्ति प्वाइंट पर बाहर आते हुए रही। चंद्रयान में चंद्रमा के चक्कर लगाते हुए रोवर दिखा। रोवर से प्रज्ञान निकलकर चांद पर मूवमेंट करते नजर आया। 30 लोगों की टीम ने 20 दिन में झांकी तैयार की। 12 फीट की हनुमान जी की प्रतिमा आशीर्वाद देते हुए और 18 फीट के गणेश जी झांकी, खाटूश्याम जी की झांकी सबसे अलग रही। केसरियां ध्वज के बीच नौका विहार, गजराज पर बैठे, रिद्धि सिद्धि के साथ नृत्य करते, चांद पर बैठे राधा—कृष्ण, नीले घोड़े पर गणेश जी शहर भ्रमण करते हुए, हाथी की सूंड पर नृत्य करते गणेश, महाभारत ग्रंथ लिखते हुए, गणेश जी मूषकों के साथ महाकाल के कांवड़ चढ़ाते हुए, हवामहल पर भक्तों को दर्शन देते गजराज,भगवान गणेश के सामने तिरंगा थामे भारत माता सहित अन्य झांकियां मौजूद रही। इस साल झांकियों की संख्या ज्यादा रही। स्टॉल्स लगाकर जलपान, प्रसादी वितरित की। संयोजक प्रताप भानू सिंह शेखावत और सह संयोजक रामप्रकाश भारद्वाज ने बताया कि अंत में गढ़ गणेश मंदिर पहुंचने पर महंत प्रदीप औदीच्य ने गणेशजी की आरती की।