नवसंवत्सर-2080 से पहले मांगलिक कार्यों के लिए फरवरी में सबसे ज्यादा शुभ मुहूर्त रहेंगे। अबूझ सावे के साथ ही कई व्रत व पर्व भी हैं। ज्योतिषविदों के मुताबिक बीते तीन साल में फरवरी में सबसे ज्यादा शादियों की रंगत नजर आएगी।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। नवसंवत्सर-2080 से पहले मांगलिक कार्यों के लिए फरवरी में सबसे ज्यादा शुभ मुहूर्त रहेंगे। अबूझ सावे के साथ ही कई व्रत व पर्व भी हैं। ज्योतिषविदों के मुताबिक बीते तीन साल में फरवरी में सबसे ज्यादा शादियों की रंगत नजर आएगी। शहर के 900 से अधिक गार्डन में से 70 प्रतिशत बुक हैं, वहीं होटल, रिसोर्ट में भी बड़ी संख्या में शादियां होगी। ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि फरवरी में हर एक दिन छोड़कर शादी का मुहूर्त है। 1, 4, 6, 9, 10, 12, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 21, 22, 26, 28 को सावे रहेंगे। 18 फरवरी को शिव की आराधना का खास दिन महाशिवरात्रि का पर्व रहेगा।
रस्मों को कर रहे कम समय में पूरा:
ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि फुलेरा दोज को विवाह करना खास है। भगवान कृष्ण का इस दिन से खास महत्व है। विवाह मुहूर्त में मार्च में सबसे कम दो सावे हैं। बीते साल के मुकाबले अब महज दो दिन में ही सभी रस्मों को पूरा करने के लिए मुहूर्त भी निकलवाए गए हैं। ताकि समय की बचत हो सके। इनमें हल्दी, मेंहदी, सगाई, भात मुख्य है।
फुलेरा दोज का अबूझ सावा:
ऑल वैडिंग इंडस्ट्रीज फेडरेशन राजस्थान के महामंत्री भवानीशंकर माली के मुताबिक महीनेभर में जयपुर जिले में 50 हजार से अधिक शादियां हाेंगी। इसमें 21 फरवरी को अबूझ सावा फुलेरा दोज का रहेगा। वेस्टर्न थीम को सबसे ज्यादा तवज्जो दे रही है। पहनावे, खानपान, डेकोरेशन का इस थीम पर ध्यान दिया जा रहा है। बाजार में भी खरीदारी परवान पर है।