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क्यों गहराया पेयजल संकट, 10 साल बाद ऐसे होंगे हालात

बीसलपुर बांध में पानी की कम आवक से बिगड़ेंगे हालात

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jaipur

क्यों गहराया पेयजल संकट, 10 साल बाद ऐसे होंगे हालात

जयपुर. शहर में पेयजल संकट इतना कदर गहरा रहा है कि नए ट्यूबवैल खोदने की नौबत आ गई है। जलदाय विभाग ने 190 नए ट्यूबवैल खोदने के लिए जगह चिह्नित की है। वर्ष 2009 में बांध से पेयजल सप्लाई शुरू होने के बाद पहली बार ऐसी स्थिति बनी है, जब पेयजल संकट के मद्देनजर इतनी संख्या में ट्यूबवैल खोदे जाएंगे। साथ ही 273 बंद व खराब ट्यूबवैल को भी चालू किया जा रहा है।

बीसलपुर बांध में पानी कम आने के मद्देनजर विभाग ने ट्यूबवैल संबंधी प्रस्ताव बनाया है, जो अनुमति के लिए जिला कलक्टर को भेजा जाएगा। विभाग ने कटौती कर 2 दिन में एक बार पेयजल सप्लाई का प्रस्ताव भी तैयार कर रखा है। गौरतलब है कि जयपुर में बीसलपुर बांध से पेयजल सप्लाइ वर्ष 2009 में शुरू हुई थी। इससे पहले ट्यूबवैल से सप्लाई होती थी और नए ट्यूबवैल खोदे जाते रहे थे। हालांकि शहर के विस्तार के साथ नए ट्यूबवैल खोदे जाते रहे हैं लेकिन वे केवल नए आबादी क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए हैं।

बांध की कुल भराव क्षमता 38.7 टीएमसी है, जबकि लाइव स्टोरेज 33.15 टीएमसी है। अभी करीब 8.5 टीएमसी पानी ही बचा है जबकि अकेले जयपुर शहर को वर्षभर में 11.2 टीएमसी पानी चाहिए। शहर में आ रहे पानी में अब तक 1.5 करोड़ लीटर प्रतिदिन की कटौती हो चुकी है। अभी 460 एमएलडी पानी सप्लाई हो रहा है जबकि पहले 475 एमएलडी तक पानी लिया जा रहा था।

आंकड़ों पर नजर
2,056 ट्यूबवैल संचालित हैं अभी
273 ट्यूबवैल खराब या बंद हैं, जो अब वापस चालू होंगे
78 नए ट्यूबवैल उत्तरी सर्कल क्षेत्र में बनेंगे
132 नए ट्यूबवैल दक्षिण सर्कल क्षेत्र में होंगे
0.5 मीटर गिर रहा हर साल भूजल स्तर

विषय विशेषज्ञों के मुताबिक भूजल स्तर हर साल औसतन 0.5 मीटर गिर रहा है। भूजल विभाग निरंतर जलदाय विभाग को इसकी जानकारी देता रहा है। जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता डीके सैनी ने कहा कि शहर में 190 नए ट्यूबवैल के लिए स्वीकृति ली जा रही है। पहले फेज में 2 दिन में एक दिन पेयजल सप्लाई का प्लान है। हालांकि लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं, निर्णय इस पर निर्भर करेगा कि बांध में पानी कितना आता है।