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Weather Station in Kerala: केरल के हर स्कूल में खुलेगा अब मौसम केंद्र

केरल में सरकार ने जलवायु परिवर्तन की समस्याओं से निपटने एवं नई पीढ़ी में इसको लेकर जागरूकता पैदा करने के लिए एक अनूठी पहल की है। केरल ने स्कूलों में मौसम केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है। इ

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WEATHER UPDATE: THESE states to witness heavy rainfall for next two days

WEATHER UPDATE: THESE states to witness heavy rainfall for next two days

केरल में सरकार ने जलवायु परिवर्तन की समस्याओं से निपटने एवं नई पीढ़ी में इसको लेकर जागरूकता पैदा करने के लिए एक अनूठी पहल की है। जलवायु परिवर्तन के कारण जीवन में कई समस्याएं पैदा हो रही हैं और यह भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में केरल ने स्कूलों में मौसम केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही राज्य इस अभिनव शिक्षा कार्य₹म को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। समग्र शिक्षा केरल के माध्यम से यह सामान्य शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया है। यह मुख्यमंत्री की 100 दिवसीय कार्य योजना में शामिल उल्लेखनीय शैक्षिक कार्यक्रमों में से एक है। परियोजना के तहत राज्य के 258 स्कूलों में मौसम केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। यह उन सभी सरकारी उच्च माध्यमिक और व्यावसायिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में किया जाएगा।

केंद्र में ये उपकरण होंगे

केंद्र में रेन गेज, सिक्स का अधिकतम-न्यूनतम थर्मामीटर, गीला और सूखा बल्ब थर्मामीटर, विंड वेन और एक कप काउंटर एनीमोमीटर शामिल हैं। छात्र मौसम के उपकरणों से रीडिंग लेंगे और उन्हें मौसम डेटा बुक में रिकॉर्ड करेंगे। इसके माध्यम से वे अपने स्कूल परिसर में और उसके आसपास दैनिक मौसम की घटना को समझ सकेंगे। स्कूल मौसम वेधशालाओं के माध्यम से एकत्र किए गए मौसम डेटा का उपयोग अनुसंधान अध्ययन और अन्य वैज्ञानिक नवाचारों के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार चूंकि आपदा संभावित क्षेत्रों में वैज्ञानिक अध्ययन के लिए मौसम संबंधी जानकारी आवश्यक है, इसलिए ये स्कूल वेधशालाएं समाज के लिए एक महान कर्तव्य निभाएंगी।

परियोजना का ये है उद्देश्य

इस परियोजना का उद्देश्य मौसम की स्थिति में बदलाव को सही ढंग से समझना और छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। इससे छात्रों में पर्यावरण पर एक अलग दृष्टिकोण बनाना संभव होगा। यह छात्रों में अनुसंधान योग्यता को विकसित करने और उन्हें जलवायु के महत्व के बारे में जागरूक करने में भी मदद करेगा।