
Rajasthan Weather Update: नए साल में नया पश्चिमी विक्षोभ, 1 व 2 को शीतलहर और 6 से 8 जनवरी तक बारिश
Weather News: जयपुर. राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर में माैसम खुलते ही गलन भरी सर्दी का असर तेज हो गया। इसके साथ ही तापमान में गिरावट के साथ ही हाड कंपाने वाले जाड़े से जनजीवन अस्त व्यस्त हैं।
मौसम विभाग के मानें तो प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी भी पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ भागों में 24 घंटों तक रहने की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी। इस बीच बीते दिनों ओलावृष्टि से सरसों सहित अन्य फसलों को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया है। बीते 48 घंटे में न्यूनतम पारा पांच से आठ डिग्री तक गिर चुका है।
पारे में गिरावट होना तय
पूर्वी राजस्थान में एक सप्ताह के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। इस दाैरान शीतलहर चलेगी। इसलिए माैसम विभाग ने यलाे अलर्ट जारी किया है। इस दाैरान दिन का तापमान भी कम हाेगा। राजधानी जयपुर में भी बादल छंटने के साथ ही धूप निकलने से नमी में भी कमी आई है। जयपुर जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहे सकते हैं। इसके साथ ही यहां अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। अब आगामी तीन दिन भरतपुर सहित अलवर, धौलपुर, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, करौली, सवाईमाधोपुर, टोंक, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर, जैसलमेर जिले में मध्यम से घना कोहरा छाया रहने की संभावना है। गंगानगर, हनुमानगढ, अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा, सीकर, माउंटआबू सहित अन्य जगहों पर कोहरा हावी रहा।
प्रमुख जगहों का पारा
प्रदेश में दूसरे दिन भी माउंटआबू बीती रात को सबसे ठंडा रहा। यहां पारा माइनस तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे बर्फ जमने के साथ ही हाड कंपाने वाली सर्दी से लोग परेशान रहे। फतेहपुर का पारा 4.3 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। जयपुर, सीकर, चूरू सहित अन्य जगहों का पारा भी दस डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
यहां फसलों को नुकसान
भरतपुर जिले की डीग,नदबई,नगर और वैर तहसील इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से खासकर सरसों की फसल नष्ट हुई है। फसल खराबे से नाराज अन्नदाताओं ने मुआवजे की मांग की है। हाड़ौती क्षेत्र के मनोहरथाना, हिंडोली, इटावा और केलवाड़ा इलाके के गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचाया हैं। झालवाड, टोंक, निवाई, उनियारा, जयपुर के आसपास की जगहों पर भी ओलावृष्टि होने से सरसों सहित फसले पूरी तरह से खराब हो चुकी है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं, जीरा, चना, तारामीरा के लिए हुई बारिश और बढ़ रही ठंड फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी।
Published on:
10 Jan 2022 11:40 am

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