मौसम शुष्क रहने के साथ ही पारे में बढ़ोतरी के आसार हैं, अब तक सामान्य से 37 फीसदी अधिक बारिश मानसूनी सीजन में दर्ज
जयपुर. प्रदेश में बीते कई दिनों से चल रहा बारिश का दौर अब पूरी तरह से थम चुका है। प्रदेश में लगातार अच्छी बारिश के साथ ही अब धीरे-धीरे पश्चिमी राजस्थान में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पूर्वी की तुलना में पश्चिमी राजस्थान में औसत के मुकाबले अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग जयपुर केंद्र के मुताबिक अगले सप्ताह तक प्रदेश से पूरी तरह से मानसून की विदाई के आसार हैं। अब ज्यादातर जिलों में बारिश बंद हो गई है।
तापमान में गिरावट
जयपुर मौसम केंद्र के प्रभारी आरएस शर्मा ने बताया कि बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के लगभग सभी जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कई जिलों में मौसम में ठंडक घुल गई है। तापमान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी दिनों में फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आगामी चार दिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। इसके बाद पाकिस्तान गुजरात से लगते हिस्से में एक एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से राज्य में अब पश्चिमी हवा का दबाव बढऩे से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
37 फीसदी अधिक बारिश
आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 27 सितंबर तक 592.5 एमएम बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य से 37 फीसदी ज्यादा है। आमतौर पर इस समय तक राज्य में औसत 431.9 एमएम बारिश होती है। जिलेवार स्थिति देखें तो सबसे ज्यादा बारिश झालावाड़ में हुई, जहां अब तक 1317 एमएम पानी बरस चुका है, जबकि सबसे कम बारिश 314.1 एमएम हनुमानगढ़ जिले में हुई है।
आईएमडी ने यहां दिए मानसून वापसी के संकेत
आईएमडी के मुताबिक आगामी तीन से चार दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के कुछ और हिस्सों व मध्य भारत के कुछ हिस्सों से दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी हो सकती है, इसके अलावा आईएमडी ने अनुमान जताया है कि अगले तीन दिनों के दौरान तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण पश्चिम राजस्थान में एक एंटी साइक्लोन तंत्र सक्रिय होगा। इससे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा तथा दिल्ली में उत्तर पश्चिमी हवाएं शुरू होगी। जिससे वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट आएगी।