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World wetland day|| आज प्राकृतिक आपदा से बचना है तो बचाने होंगे वेटलैंड्स

वल्र्ड वेटलैंड डे आजप्राकृतिक आपदा से बचना है तो बचाने होंगे वेटलैंड्स

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 02, 2020

World wetland day

World wetland day|| आज प्राकृतिक आपदा से बचना है तो बचाने होंगे वेटलैंड्स,World wetland day|| आज प्राकृतिक आपदा से बचना है तो बचाने होंगे वेटलैंड्स


आज दुनिया में जिस तेजी से विकास हो रहा है, उसी तेजी से पर्यावरण का भी हनन हो रहा है। आधुनिक विकास ने सबसे ज्यादा नुकसान हमारे वातावरण और आद्र्रभूमियों को पहुंचाया है। कारखानों से निकलने वाले गंदे अवशिष्ट, खनन और भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन आदि ने आद्र्रभूमि को अत्यधिक नुकसान पहुंचा है। आद्र्रभूमि के महत्व के प्रति लोगों को जागरुक करवाने के लिए हर साल 2 फरवरी यानि आज पूरी दुनिया में विश्व आद्र्रभूमि दिवस वल्र्ड वेटलैंड डे मनाया जाता है। खास बात तो ये है कि वल्र्ड वेटलैंड डे का आयोजन लोगों और हमारे ग्रह के लिए वेटलैंड की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में वैश्विक जागरुकता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
वेटलैंड्स क्या है ? वेटलैंड किसे कहते हैं ?
वेटलैंड का मतलब होता है नमी या दलदली क्षेत्र अथवा पानी से संतृप्त भूभाग। अर्थात नमी या दलदली भूमि क्षेत्र को वेटलैंड्स कहते हैं। बहुत सी जगह पर सालभर जमीन पानी से भरा रहता है। वेटलैंड की मिट्टी झील, नदी व तालाब के किनारे का हिस्सा होता है। आद्र्रभूमि वह क्षेत्र है जो सालभर आंशिक रूप से या पूर्णत: जल से भरा रहता है। वेटलैंड के बहुत से लाभ है। भारत में वेटलैंड ठंडे और शुष्क इलाकों से लेकर मध्य भारत के कटिबंधीय मानसूनी इलाकों और दक्षिण के नमी वाले इलाकों तक फैली हुई है। आपको बता दे कि वेटलैंड जल को प्रदूषण से मुक्त बनाती है। भारत में ग्यारह लाख बारह हजार एक सौ इक्तीस हेक्टेयर क्षेत्र ऐसा है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय महत्व के वेटलैंट्स की रामसर सूची में शामिल किया गया है। इस क्षेत्र के तहत रुद्रसागर झील, चिल्का झील, दीपोर बील और भोपाल के भोज वेटलैंड्स सहित 27 स्थान शामिल हैं।

वेटलैंड की विशेषताएं
आद्र्रभूमि में उच्च जैव विविधता पाई जाती है तथा इसमें पारिस्थिति की उत्पादकता भी अधिक होती है। इस तरह की भूमि तटीय चक्रवात, सुनामी, बाढ़ और सूखे को कम करती है। इससे भूमिगत जल के स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है और ये प्रवासी पक्षियों के आकर्षण का स्थान भी होती है।
दुनिया में आद्र्रभूमियां
दुनिया में 1758 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड्स स्थल हैं।
ऑस्ट्रेलिया का कोबॉर्ग प्रायद्वीप दुनिया का पहला नामित वेटलैंड्स है, जिसे 1974 में चुना गया था।
कांगो का गिरी तुंब.मेनडोंबे और कनाडा का क्वीन मौद ग्लफ दुनिया के सबसे बड़े वेटलैंड्स हैं, जो 60 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं।
दुनिया में सबसे ज्यादा 170 वेटलैंड्स यूनाइटेड किंगडम में और इसके बाद 142 मैक्सिको में हैं।
बोलीविया में एक लाख 48 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वेटलैंड्स हैए जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।
वल्र्ड वेटलैंड्स डे क्यों मानते हैं ?
नदियों, झीलों, तालाबों आदि की खराब होती स्थिति को देखते हुए साल 1971 में 2 फरवरी को ईरान के रमसर में वेटलैंड कन्वेंशन को अपनाया गया और आद्र्रभूमियों के संरक्षण के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किए। तब से हर साल सरकारी एजेंसियों, गैर सरकारी संगठनों और समुदाय के सभी स्तरों पर नागरिकों के समूहों ने वेटलैंड मूल्यों की सार्वजनिक जागरुकता बढ़ाने और संरक्षण जैसे लाभों के उद्देश्य से कार्रवाई करने के अवसर का लाभ उठाया है। जैविक रूप से विविध पारिस्थितिक तंत्र जो कई प्रजातियों के लिए आवास प्रदान करना, तूफान और बाढ़ के खिलाफ तट पर बफर्स के रूप में सेवा करना और हानिकारक प्रदूषकों को बदलकर स्वाभाविक रूप से पानी को फिल्टर अर्थात जल को प्रदूषण से मुक्त करना है। वेटलैंड्स जंतु ही नहीं बल्कि पादपों की दृष्टि से भी एक समृद्ध तंत्र है, जहां उपयोगी वनस्पतियां एवं औषधीय पौधे भी प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। ये उपयोगी वनस्पतियों एवं औषधीय पौधों के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वल्र्ड वेटलैंड्स डे कैसे मानते हैं ?
वल्र्ड वेटलैंड डे हर वर्ष 2 फरवरी को सेलिब्रेट किया जाता है। बहुत से क्षेत्रों में वेटलैंड्स के बारे में बताने या समझाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।