
ओपन-हार्ट सर्जरी के बिना बदला दिया मुख्य कार्डियक वाल्व, महिला को मिला नया जीवन
जयपुर। यह 93 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी के लिए पुनर्जन्म जैसा था। जिन्होंने राजस्थान अस्पताल में ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन प्रक्रिया कराई। जिसमें ओपन-हार्ट सर्जरी की आवश्यकता के बिना मुख्य कार्डियक वाल्व को बदल दिया गया। स्वतंत्रता सेनानी की उम्र को देखते हुए यह बहुत जोखिम भरा था। यह प्रक्रिया डॉ. रविंदर सिंह राव राजस्थान अस्पताल जयपुर और विजिटिंग कार्डियोलॉजिस्ट लीलावती अस्पताल, मुंबई के नेतृत्व में भारत में निर्मित उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा की गई थी। सर्जरी को विश्वभर के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट ने लाइव देखा, जो चेन्नई में एक वार्षिक सम्मेलन के लिए इकट्ठे हुए थे।
डॉ राव ने कहा कि मरीज की 2-डी इको इमेजिंग से पता चला कि वह एओर्टिक स्टेनोसिस से पीड़ित थी। जो मुख्य वाल्व के संकुचन को संदर्भित करता है। नतीजतन, नैरो ऑरिफाइस (संकुचित छिद्र) के विरूद्ध हृदय को अधिक बल के साथ पंप करना पड़ता था। धीरे-धीरे उनके हृदय की पंपिंग क्षमता कम होते होते केवल 25 प्रतिशत रह गई और फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने लगा। इससे थोड़ी सी भी शारीरिक गतिविधियां करते समय मरीज की सांस फूलने लगती थी।डॉक्टर ने बताया कि सर्जरी के बाद, कमरे में शिफ्ट करने से पहले मरीज को एक दिन के लिए आईसीयू में रखा गया। पांचवें दिन, उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
Published on:
18 May 2023 10:38 pm
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