
रेजीडेन्ट डॉक्टरों के शुक्रवार रात 9 बजे हड़ताल पर जाने के बाद से ही एमबी चिकित्सालय, जनाना व बाल चिकित्सालय में वरिष्ठ चिकित्सक, प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, सीनियर रेजीेडेन्ट व एक वर्ष प्रशिक्षण लेने वाले चिकित्सकों ने व्यवस्थाएं संभालीं। इमरजेंसी में अतिरिक्त वरिष्ठ चिकित्सकों की व्यवस्था की गई।
ऑपरेशन वाले मरीज हुए परेशान
अस्पताल में अपातकालीन व्यवस्था निपटने के लिए प्रबंधन की ओर से समस्त व्यवस्था की गई, लेकिन रोजमर्रा के ऑपरेशन को टलाया गया। कुछ इमरजेन्सी व जरुरी ऑपरेशन किए गए। कुछ ऑपरेशन में रेजीडेंट तैयारी में मदद कर निकल गए। वार्डो में सीनियर चिकित्सक, विभागाध्यक्षों ने अलग-अलग समय में राउण्ड लेकर मरीजों के बारे में जाना तो एक वर्ष प्रशिक्षण ले चिकित्सक व सीनियर रेजीडेन्ट वार्डों में ही रहे। आपातकालीन सेवा में वरिष्ठों के कुछ अतिरिक्त स्टॉफ लगाया, लेकिन जिससे खासा प्रभाव नहीं पड़ा। पूरे अस्पताल में करीब तीन सौ रेजीडेन्ट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से दिनभर वरिष्ठ चिकित्सकों की भाग दौड़ रही। जरूरी होने पर ही मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया। वार्ड में भर्ती कुछ मरीजों का स्वास्थ्य ठीक होने पर छुट्टी दे दी।
इनका कहना है
मैने स्वयं सभी वार्डों व आपातकालीन सेवाओं का निरीक्षण किया। विभागाध्यक्ष को राउण्ड द क्लाक वार्डों में निरीक्षण कर मरीजों को राहत पहुंचाने के आदेश दिए हैं। इमरजेंसी ऑपरेशन हुए, लेकिन रोजमर्रा के ऑपरेशन टाले गए।
डॉ. डीपी सिंह, प्राचार्य आरएनटी मेडिकल कॉलेज
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