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World No Tobacco Day: धूम्रपान से कैंसर होने का खतरा 20 गुणा ज्यादा

World No Tobacco Day: जयपुर. तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने और रोकने के लिए हर साल 31 मई को दुनियाभर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस यानी वर्ल्ड नो टोबैको डे मनाया जाता है।

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World No Tobacco Day 2021 : तम्बाकू व बीडी-सिगरेट पीने वालों को कोरोना का खतरा अधिक : डॉ. सूर्य कान्त

World No Tobacco Day 2021 : तम्बाकू व बीडी-सिगरेट पीने वालों को कोरोना का खतरा अधिक : डॉ. सूर्य कान्त

World No Tobacco Day: जयपुर. तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने और रोकने के लिए हर साल 31 मई को दुनियाभर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस यानी वर्ल्ड नो टोबैको डे मनाया जाता है।
ये सब जानते हैं कि तंबाकू का सेवन जानलेवा हो सकता है, लेकिन ये जानते हुए भी दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग खासकर कर युवा किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं और जिससे उनपर जानलेवा बीमारियों का खतरा मंडराने लगता है। धूम्रपान के कारण कैंसर होने का खतरा 20 गुणा बढ़ जाता है।
आजकल तंबाकू, सिगरेट और हुक्का पीने को युवा पीढ़ी अपना स्टेटस सिंबल मानने लगी है, लेकिन ये उनके जीवन के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है इसका अंदाजा उन्हें नहीं है। तंबाकू के सेवन से एक नहीं, बल्कि कई तरह की जानलेवा बीमारियां होने का खतरा होता है। इनमें फेफड़े का कैंसर, लिवर कैंसर, मुंह का कैंसर, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, हृदय रोग, कोलन कैंसर, गर्भाशय का कैंसर जैसी कई और गंभीर बीमारियां शामिल हैं।
पहले तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर मरीजों की औसतन उम्र 45 से 60 तक होती थी जो अब घटकर 30 से 40 की उम्र तक आ पहुंची है। नारायणा अस्पताल के कंसलटेंट- ईएनटी तथा हेड एवं नेक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. दीपांशु गुरनानी ने बताया कि हर साल करीब 2 लाख हेड एवं नेक कैंसर से जुड़े मामले सामने आते हैं जिसमें से करीब 95 प्रतिशत मामले तंबाकू के सेवन से जुड़े होते हैं। युवाओं के अंदर तंबाकू सेवन को बढ़ावा देने का एक मुख्य कारण सोशल मीडिया और प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा किये जाने वाले विज्ञापन हैं, जो युवाओं को कम उम्र में ही तंबाकू सेवन के प्रति आकर्षित करते है और जितना जल्दी युवा उसका सेवन शुरू करते हैं उतना जल्दी उनमें कैंसर होने का खतरा बढ़ने लगता है।
कई बार 18 साल के युवा भी तंबाकू के सेवन से ओरल कैंसर से पीड़ित होते हैं। डॉ. दिपांशु ने बताया कि तंबाकू सेवन इंसान अधिकतर परिवार से ही सिखता है, इसलिए इस बात का खास ध्यान रखें कि अगर आप तंबाकू सेवन कर रहें है तो अपने बच्चों के सामने बिल्कुल न करें क्योंकि बच्चे बहुत जल्दी इससे प्रभावित होते हैं। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित स्वामी का कहना है कि सैकण्ड हैण्ड स्मोकिंग भी धूम्रपान करने जितना ही खतरनाक है क्यूंकि ये सीधा फेफड़ों पर असर डालता है जिससे कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए धूम्रपान और निष्क्रिय धूम्रपान से बचें।