
राकेश कुमार गौतम
चूरू। World Population day 2019 - बेटों और बेटियों के बीच अंतर खत्म करने के लिए सरकार व निजी संस्थाओं के प्रयास से राजस्थान की छवि में सुधार आया है। बांसवाड़ा में प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है जहां 1000 बेटों पर 1003 बेटियां पैदा हुई। यहां वर्ष 2017-18 की अपेक्षा 2018 -19 में प्रति हजार पर 16 बेटियां अधिक पैदा ( sex ratio in rajasthan ) हुई।
यहां इस साल बढ़ा शिशु लिंगानुपात
World Population Day 11 July - प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हैं जहां लिंगानुपात पिछले साल की अपेक्षा बढ़ा है। सिरोही में गत वर्ष की अपेक्षा प्रति हजार बेटों पर 11 बेटियां कम पैदा हुई, वहीं गंगानगर में आठ, भरतपुर में तीन, अजमेर में 13, टोंक में 36 बेटियां कम पैदा हुई। कोटा में बीते नौ साल में लिंगानुपात में छह अंकों का इजाफा हुआ है।
झुंझुनूं जिले की स्थिति अभी भी काफी दयनीय है। वर्ष 2017-18 में यहां प्रति हजार बेटों पर 948 बेटियां पैदा हुई लेकिन इस साल 18 बेटियों की गिरावट के साथ 930 बेटियां ही पैदा हुई।
जागरूकता अभियान से लोगों की सोच में बदलाव आया है। इसी कारण प्रदेश में लिंगानुपात में गिरावट आई है। कई जिलों ने अच्छा सुधार किया है।
राजन चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता (बेटी बचाओ आंदोलन से जुड़े हैं)
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Updated on:
03 Jul 2019 12:09 pm
Published on:
03 Jul 2019 12:07 pm

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