
स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 'मेक इन इंडिया' अभियान को और विस्तारित करना चाहिए। यह न केवल हमारी सैन्य शक्ति को बढ़ाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार करेगा।
देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए रक्षा प्रणाली का मजबूत होना बेहद जरूरी है। रक्षा नीति में नवीनतम तकनीकों और संसाधनों का उपयोग करना चाहिए ताकि निकट भविष्य में हिंसक और अवांछित घटनाओं से बचा जा सके। नागरिकों को यह समझना होगा कि सुरक्षा केवल सरकार या सेना की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्व निभाने होंगे। सामूहिक प्रयास ही सुरक्षा को सुदृढ़ बना सकते हैं।
-महेश आचार्य, नागौर
देश की रक्षा को लेकर हमें हर समय सतर्क रहना चाहिए। सैनिकों को उनकी सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। हथियार और उपकरण आधुनिक होने चाहिए, ताकि दुश्मनों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। विपक्षी पार्टियों को सेना पर अनावश्यक टिप्पणी करने के बजाय रचनात्मक आलोचना करनी चाहिए। रक्षा बजट को हर वर्ष बढ़ाना चाहिए ताकि सेना को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जा सकें। साथ ही, पड़ोसी देशों की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखनी चाहिए।
-कैलाश चंद्र, चूरू
हमारे सशस्त्र बल देश की रक्षा के प्रमुख स्तंभ हैं। लेकिन यह तभी संभव है जब उन्हें उन्नत हथियार, प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें। बिना संसाधनों के बाहरी आक्रमणों से निपटना असंभव होगा। हर नागरिक को यह समझना होगा कि एक मजबूत सेना ही हमारे देश की सीमा सुरक्षित रख सकती है।
-प्रियव्रत चारण 'लव', जोधपुर
भारत को उन्नत हथियार, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और साइबर सुरक्षा तकनीकों का विकास और आयात करना चाहिए। रक्षा अनुसंधान और विकास को प्राथमिकता देते हुए इसे सशक्त बनाया जाए। स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 'मेक इन इंडिया' अभियान को और विस्तारित करना चाहिए। यह न केवल हमारी सैन्य शक्ति को बढ़ाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार करेगा।
-अनोप भाम्बु, जोधपुर
रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए देश में निर्मित उत्पादों का उपयोग बढ़ाना चाहिए। हर सैन्य सामग्री का निर्माण देश में किया जाए ताकि आत्मनिर्भरता बढ़े और आयात पर निर्भरता घटे। इसके अलावा, स्थानीय उद्योगों को भी रक्षा उत्पाद निर्माण में शामिल किया जाना चाहिए। इससे न केवल आर्थिक प्रगति होगी, बल्कि सुरक्षा तंत्र में भी सुधार होगा।
-ओमप्रकाश, उदयपुरा
देश की रक्षा केवल सेना और पुलिस का दायित्व नहीं है। हर नागरिक को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को देनी चाहिए। इस सहयोग से न केवल आतंरिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि अपराधों को रोकने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बना सकता है।
-दीपक, हनुमानगढ़
देश की रक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए सभी प्रकार की सेनाओं-जल, थल और वायु में नई भर्तियां की जानी चाहिए। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और देश की सीमाएं सुरक्षित रहेंगी। महिला सैनिकों की संख्या बढ़ाना भी आज की आवश्यकता है। इसके साथ ही, साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे मजबूत करना चाहिए, ताकि डिजिटल युग में होने वाले खतरों से बचा जा सके।
-मुकेश सोनी, जयपुर
रक्षा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों को एनसीसी का तीन साल का प्रशिक्षण और सेना में तीन साल की सेवा अनिवार्य करनी चाहिए। इससे वे रक्षा नीति में बेहतर निर्णय ले सकेंगे। इससे न केवल नेतृत्व कौशल विकसित होगा, बल्कि सेना और राजनीतिक तंत्र के बीच बेहतर तालमेल भी स्थापित होगा।
-ले. कर्नल आर. सी. शर्मा (से.नि.), जयपुर
भारत को स्थानीय उत्पादन पर जोर देना चाहिए। आधुनिक स्वदेशी हथियार, ड्रोन, टैंक और उपकरण विकसित करने से सैन्य आयात कम होगा, विदेशी निर्भरता घटेगी और सुरक्षा से जुड़े डेटा सुरक्षित रहेंगे। स्वदेशी उत्पादों का रखरखाव भी आसान होगा, जिससे रक्षा बजट का बेहतर उपयोग संभव हो पाएगा।
-गजेंद्र चौहान, डीग
Published on:
29 Dec 2024 02:45 pm

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