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Rajasthan Budget 2024: युवाओं को रोजगार, महिलाओं के लिए योजनाएं और नई भर्तियों समेत मिलेगी कई सौगात

राजस्थान विधानसभा में आज लेखानुदान सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। जिसे पारित भी करवाया जाएगा। हालांकि यह बजट पूर्णकालिक नहीं होकर लेखानुदान होगा। प्रदेश में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि कोई महिला स्वतंत्र रूप से वित्तमंत्री के रूप में बजट पेश करेंगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ही बजट पेश करते थे।

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सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के तीन हजार से अधिक पदों की भर्ती रद्द कर दी थी और करीब पांच हजार राजीव गांधी युवा मित्रों की नियुक्ति को भी हटा दिया था। इन आंदोलनरत युवाओं को प्रताड़ित किए जाने का आरोप पुलिस पर लग चुका है। यह मुद्दा विधानसभा में उठ चुका है, ऐसे में उम्मीद है सरकार युवाओं के बीच गलत संदेश जाने से बचने के लिए भर्तियों की घोषणा कर युवाओं को तोहफा दे सकती है।

पेट्रोल-डीजल पर वैट में कमी
क्यों है उम्मीद- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी सभाओं में बार-बार कहा, राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर वैट पडौसी राज्यों से अधिक होने के कारण भाजपा सरकार आते ही वैट दरों की समीक्षा की जाएगाी। पिछले माह से पेट्रोल-डीजल पर वैट घटने से राजस्व पर संभावित असर को लेकर रिपोर्ट उच्च स्तर पर विचाराधीन बताई जा रही है।

योजनाओं का नाम बदल सकता है
वजह- पूर्ववर्ती सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय गामीण रोजगार गारंटी योजना की तर्ज पर इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू की। इसके अलावा महिलाओं को मोबाइल देने के लिए इंदिरा गांधी फ्री स्मार्ट फोन योजना शुरू की। पहले इंदिरा रसोई का नाम बदलकर फिर अन्नपूर्णा रसोई कर दिया। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के नाम पर चल रही बाकी योजनाओं का नाम बदले जाने की भी संभावना है।
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ओपीएस, आरजीएचएस, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा
इसलिए बदलाव संभव- केन्द्र सरकार पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के पक्ष में नहीं है और नई पेंशन योजना (एनपीएस) को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। भाजपा के संकल्प पत्र में राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) के स्थान पर कर्मचारियों को आयुष्मान भारत योजना में लाने की बात कह चुकी है। इसके अलावा चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना पर भी लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार इन योजनाओं पर समीक्षा के लिए कमेटी बना सकती है।

उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार
वजह- भाजपा विधायक उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए दवाब बना रहे हैं। ऐसे में सरकार से कस्टमाइज पैकेज का लाभ लेने वाले उद्योगों के लिए स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने पर दवाब बनाने के प्रावधान किए जा सकते हैं।
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लखपति दीदी योजना
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को लखपति दीदी योजना को बढ़ावा देने के प्रयास हो सकते है। सरकार ने इसकी तैयारी पहले ही शुरू कर दी। राष्ट्रपति अगले सप्ताह बेणेश्वर धाम में बांसवाड़ा, उदयपुर व डूंगरपुर जिले में लखपति दीदी सम्मेलन में भाग लेंगी