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59 ऊंट सीमावर्ती ग्रामीणों को सौंपे, पशुपालकों ने जिम्मेदारी से देखभाल का भरोसा दिया

सीमा सुरक्षा बल ने रेगिस्तान के गौरव माने जाने वाले ऊंटों के प्रति संवेदनशील पहल की है। सेक्टर मुख्यालय जैसलमेर-उत्तर के निर्देशन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में 10 वर्षों तक सेवाएं दे चुके 59 ऊंट सीमावर्ती पशुपालकों और पशुप्रेमियों को सौंपे गए।

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सीमा सुरक्षा बल ने रेगिस्तान के गौरव माने जाने वाले ऊंटों के प्रति संवेदनशील पहल की है। सेक्टर मुख्यालय जैसलमेर-उत्तर के निर्देशन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में 10 वर्षों तक सेवाएं दे चुके 59 ऊंट सीमावर्ती पशुपालकों और पशुप्रेमियों को सौंपे गए। उद्देश्य यह रहा कि ये ऊंट सेवा के बाद भी सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और उनकी देखभाल ऐसे हाथों में हो जो उन्हें परिवार की तरह अपनाएं।
बीएसएफ अधिकारियों ने कहा कि यह पहल न केवल सीमाओं की सुरक्षा के दायित्व को दर्शाती है बल्कि सीमावर्ती नागरिकों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता का भी उदाहरण है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे इन ऊंटों को नया परिवार दें और उनकी देखरेख ससम्मान करें।

ग्रामीणों में उत्साह और आभार

ऊंटों को पाकर ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने इस प्रयास की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि इन ऊंटों की देखभाल पूरी जिम्मेदारी और स्नेह के साथ की जाएगी। इसमें संतुलित आहार, स्वास्थ्य जांच, चिकित्सा सहायता और सम्मानजनक व्यवहार शामिल रहेगा। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वे समय-समय पर इन ऊंटों की स्थिति की जानकारी बीएसएफ को देंगे।
ग्रामीणों ने इस पहल को निरंतर जारी रखने की मांग करते हुए कहा कि ऐसी मानवीय पहलें बीएसएफ और नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करती हैं और समाज में सह-अस्तित्व व सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करती हैं। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने ग्रामीणों को धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि बीएसएफ सीमाओं की रक्षा के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और सहयोग में भी सदैव तत्पर रहेगी।

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