
पूनमनगर गांव में गत सोमवार को हुए स्कूल हादसे के दूसरे दिन गुस्साए ग्रामीणों ने दोनों राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों पर तालाबंदी कर दी। उन्होंने हादसा घटित होने वाले बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्य को निलम्बित किए जाने का विरोध किया और उनकी बहाली की मांग उठाई वहीं मृतक अरबाज के परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दिलाने की मांग की। गौरतलब है कि इस मामले में प्रधानाचार्य सुमन बाला को लापरवाही का आरोपी मानते हुए शिक्षा निदेशक ने गत सोमवार देर रात को ही एक आदेश जारी कर निलम्बित कर दिया था। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि विद्यालय प्रशासन की तरफ से तो मुख्य द्वार के जर्जर होने की सूचना समय रहते उच्चाधिकारियों को दे दी गई थी, उसके बाद प्रधानाचार्य को क्यों दंडित किया जा रहा है? ग्रामीणों के अनुसार 12वीं तक की बालिका स्कूल में पहले ही 5 शिक्षक थे। उनमें से एक सोमवार को हुए हादसे में घायल हो गए और अब प्रधानाचार्य को निलम्बित कर दिए जाने से केवल 3 शिक्षक कैसे स्कूल संचालित कर पाएंगे? उनकी बच्चियों की पढ़ाई का क्या होगा? पूनमनगर क्षेत्र के पीईईओ अनोपसिंह ने बताया कि बाद में गांव के मौजीज लोगों ने तालाबंदी करने वाले लोगों को समझा-बुझा कर शांत किया। जिसके बाद वहां गतिरोध समाप्त हुआ। इस मामले में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी शंकरसिंह उदावत ने कहा कि 28 जुलाई को हुए हादसे की जांच करवाई जा रही है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
सोमवार के दर्दनाक हादसे के बाद पूनमनगर पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी रामचंद्र को मौके पर अनुपस्थित रहने पर सम पंचायत समिति के विकास अधिकारी ने निलंबित किया था। उसके बाद विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुमन बाला को शिक्षा विभाग के निदेशक ने निलम्बित करने की कार्यवाही की। निदेशक, माध्यमिक शिक्षा ने सुमन बाला को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय बीकानेर किया है।
Published on:
29 Jul 2025 09:13 pm
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