भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद भारतीय सेना के जवानों के परिवारों में जोश और देशभक्ति का ज्वार देखा जा सकता है।
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद भारतीय सेना के जवानों के परिवारों में जोश और देशभक्ति का ज्वार देखा जा सकता है। देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर सपूतों की तरह उनके परिजन भी मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार और उत्साहित नजर आ रहे हैं। पोकरण क्षेत्र के कई गांवों में जवानों के घरों पर देशभक्ति के गीत गूंज रहे हैं, वहीं देशभक्ति का माहौल उफान पर नजर आ रहा है। इसके साथ ही छोटे बच्चों को देशभक्ति की कहानियां सुनाई जा रही हैं। परिवारजन गर्व से कह रहे है कि यदि जरूरत पड़ी तो वे भी देश की सेवा में पीछे नहीं हटेंगे। यह दृश्य देखकर स्पष्ट हो रहा है कि केवल जवान सीमा की रक्षा करते हैं, वहीं उनके पीछे खड़े परिवार भी उतने ही मजबूत और राष्ट्र के लिए समर्पित है।
क्षेत्र के लूणाकल्लां के हीरगढ़ निवासी झूंझारसिंह राठौड़ ने बताया कि उनके भाई रावलसिंह सेना में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि हमें डर नहीं लगता, बल्कि गर्व होता है कि हमारे अपने देश की रक्षा कर रहे हैं। हम उनके साथ हैं, हर कदम पर। उन्होंने बताया कि हम देश के लिए कुछ भी करने को तैयार है, यह समय डरने का नहीं, एकजुट होने का है। इसी प्रकार सांकड़ा निवासी भीखसिंह राठौड़ ने बताया कि उसका भाई मघसिंह सीमा पर है। उनका परिवार गांव में युवाओं को प्रेरित करता है कि देशसेवा सिर्फ बंदूक से नहीं, सेवा से भी होती है। उन्होंने बताया कि वे देश के जवानों के साथ है। जवान हर परिस्थिति में देश की सीमाओं पर तैनात रहकर रक्षा कर रहे है। विरमदेवरा निवासी हाथीसिंह भाटी ने बताया कि उसका भाई आईरखसिंह स्पेशल फोर्सेज में कमांडो है। आईरखसिंह के पिता किशोरसिंह भी सेना में थे और सीमाओं की रक्षा के लिए शहीद हुए थे। आईरखसिंह सीमा पर देश की रक्षा कर रहा है। परिवार को फिक्र जरूर है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा गर्व है। देश की रक्षा के लिए वे हर समय तैयार है।