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जैसलमेर. जैसलमेर . मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर चलने की घोषणा के साथ सरकार ने सख्त तेवर दिखाते हुए 18 तारीख को प्रस्तावित चिकित्सकों के आंदोलन से पहले ही चिकित्साधिकारियों की गिरफ्तारी करवाने के बाद सरहदी जैसलमेर जिले में चिकित्सको का गुस्सा फूट गया और वे आंदोलन की तय तारीख से पहले ही सडक़ों पर उतर गए और कोतवाली के आगे धरना लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। जिससे स्थानीय जिला मुख्यालय स्थित जवाहिर चिकित्सालय की व्यवस्थाएं पूरी तरह से लडख़ड़ा गई।
तीन चिकित्सा अधिकारियों को उनके कार्यस्थल से पुलिस ने रेस्मा के तहत पकडकऱ एसडीएम के सामने पेश कर दिया। एसडीएम ने तीनों अधिकारियों डॉ. बीएल बुनकर, डॉ. भूपेंद्र बारूपाल और डॉ. मुरलीधर सोनी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया, जिसके बाद जिला मुख्यालय स्थित जवाहर चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों के साथ अन्य चिकित्सक नाराज हो गए। उन्होंने कार्य का बहिष्कार कर दिया तथा साथी चिकित्सकों को बिना शर्त रिहा करने की मांग को लेकर पुलिस कोतवाली के सामने धरना दे दिया। इस घटनाक्रम से जवाहर चिकित्सालय में व्यवस्थाएं लडखड़़ा गई। अब अस्पताल में केवल पीएमओ डॉ. जेआर पंवार और डॉ. सुरेंद्र दुग्गड़ ही व्यवस्थाएं देख रहे हैं।
चिकित्सक पहुंचे गिरफ्तारी देने
जैसलमेर में शनिवार को तीन चिकित्सा अधिकारियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही सेवारत चिकित्सक अपने-अपने कार्यस्थल को छोडकऱ कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए।
उन्होंने इसे दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए ड्यूटी कर रहे चिकित्सकों को गिरफ्तार किए जाने पर रोष का इजहार किया। सेवारत चिकित्सक संघ ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और बाद में गिरफ्तारी देने पुलिस कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने साथी चिकित्सकों को बिना शर्त रिहा करने अन्यथा उन्हें भी गिरफ्तार करने की मांग पुलिस से की। बाद में उन्होंने पुलिस कोतवाली के बाहर धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे चिकित्सकों का कहना था कि, उनकी हड़ताल 18 तारीख से प्रस्तावित है, ऐसे में दो दिन पहले चिकित्सकों की गिरफ्तारी की कार्रवाई क्यों की जा रही है ?
Published on:
16 Dec 2017 10:15 pm
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