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मच्छरों पर वार: जैसलमेर बना राज्य में मलेरिया हॉटस्पॉट, अब जगे जिम्मेदार

स्वास्थ्य विभाग ने अप्रेल से जुलाई तक मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए कई चरणों में अभियान चलाए। 1 अप्रेल से 14 मई तक पहले चरण में क्रैश प्रोग्राम चलाया गया, जिसमें स्थाई जल स्रोतों में गम्बूशिया मछलियां छोड़ी गईं और हैचरी को पुनः क्रियाशील किया गया।

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 राज्य में मलेरिया के सर्वाधिक मरीज सामने आने के बाद जिम्मेदार तंत्र सक्रिय हुआ है। अब जिले में मलेरिया व मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर कवायद की जा रही है। जिले में साल की शुरुआत से ही विभिन्न क्षेत्रों से मलेरिया के मरीज सामने आने लगे थे, और अब तक 115 मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं, जो पूरे राज्य में सर्वाधिक हैं। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि जैसलमेर मलेरिया एंडेमिक जोन में आता है और नहरी क्षेत्रों व दूर-दराज के मुरब्बों में जलभराव के कारण मच्छरों की भरमार रहती है।

स्वास्थ्य विभाग ने अप्रेल से जुलाई तक मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए कई चरणों में अभियान चलाए। 1 अप्रेल से 14 मई तक पहले चरण में क्रैश प्रोग्राम चलाया गया, जिसमें स्थाई जल स्रोतों में गम्बूशिया मछलियां छोड़ी गईं और हैचरी को पुनः क्रियाशील किया गया। जून को एन्टी मलेरिया माह और जुलाई को एन्टी डेंगू माह घोषित कर गतिविधियां तेज की गईं। अब तक 50 हजार से अधिक रक्त पट्टिकाएं एकत्र की जा चुकी हैं। टांकों में टेमिफोस और गंदे पानी में एमएलओ केमिकल डाला गया है। छह हैचरियों की मरम्मत कर उनमें गम्बूशिया मछलियां छोड़ी गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य कार्मिकों को अलर्ट पर रखा गया है और सभी चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक दवाइयों व सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

डिजिटल निगरानी को प्राथमिकता

डिजिटल निगरानी को भी प्राथमिकता देते हुए नियमित सर्वे कर मरुधरा ऐप पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। रोगियों को एएनएम व आशा के माध्यम से तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में एंटी मलेरिया गतिविधियां करवाई जा रही हैं। शुक्रवार से शहर में वार्डवार सर्वे की शुरुआत की जा रही है। लार्वा व गम्बूशिया मछली का प्रदर्शन कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। सभी चिकित्सकों को इलाज की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सेवाएं अनुबंध के आधार पर ली जा रही हैं। राज्य में सर्वाधिक मलेरिया रोगी होने के कारण जैसलमेर को मलेरिया नियंत्रण के क्षेत्र में मॉडल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। पहली बार मलेरिया मुक्त ग्राम पंचायत अभियान की योजना तैयार की जा रही है। उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक गम्बूशिया मछली पहुंचाने और हर मरीज के संपर्क में आए लोगों की 15 दिन की जानकारी अनिवार्य रूप से एकत्र करने की व्यवस्था की जा रही है।