
pokaran
पोकरण. राजस्व सेवा परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों एवं ग्रामसेवकों की ओर से अपनी मांगों को लेकर की जा रही बेमियादी हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। गौरतलब है कि राजस्व सेवा परिषद व ग्रामसेवक संघ की ओर से अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर लम्बे समय से मांग की जा रही है।राज्य सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर प्रदेशभर में हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसी के अंतर्गत पोकरण व भणियाणा तहसील क्षेत्र में कार्यरत नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक, कानूनगों, पटवारी तथा पंचायत समिति सांकड़ा क्षेत्र के पंचायत प्रसार अधिकारी व ग्रामसेवक हड़ताल पर है। राजस्व अधिकारियों व ग्रामसेवकों ने बताया कि जब तक उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। राजस्व अधिकारियों की ओर से तहसील परिसर व ग्रामसेवकों की ओर से पंचायत समिति सांकड़ा कार्यालय परिसर में धरना देकर विरोध जताया गया।
दिया स्वच्छता का संदेश
पंचायत समिति सांकड़ा में चल रही पंचायत प्रसार अधिकारियों व ग्रामसेवकों की हड़ताल के दौरान उनकी ओर से राजकीय कार्य का बहिष्कार किया गया है। गुरुवार को हड़ताल पर बैठे कार्मिकों की ओर से धरने के दौरान गांधीगिरी की तर्ज पर पंचायत समिति सांकड़ा परिसर में श्रमदान कर सफाई की गई। धरने पर बैठे कार्मिकों ने पंचायत समिति सांकड़ा परिसर की सफाई कर यहां जमा कचरे को एकत्र कर बाहर फिकवाया तथा लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।
पट्टा वितरण शिविर की प्रगति शून्य
गत एक माह से राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व लोक अदालत न्याय आपके द्वार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी प्रकार पंचायतीराज विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर पट्टा वितरण अभियान भी संचालित किया जा रहा है। राजस्व लोक अदालतों में सबसे बड़ी भूमिका राजस्व अधिकारी, भू-अभिलेख निरीक्षक व पटवारी की होती है। उनकी ओर से कृषि भूमि का नामांतरण, राजस्व रिकॉर्ड की नकलों, पारिवारिक बंटवारनामों, राजस्व रिकॉर्ड में शुद्धि के प्रकरण निपटाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राजस्व अधिकारी व कार्मिकों के हड़ताल पर होने के कारण राजस्व लोक अदालत शिविरों में राजस्व संबंधी कोई कार्य नहीं हो रहा है तथा प्रगति लगभग शून्य आ रही है। उसके बाद भी राज्य सरकार की ओर से राजस्व शिविरों का आयोजन जारी है। इसी प्रकार पंचायतीराज विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे पट्टा वितरण शिविर भी लगभग बंद पड़े है। आवासीय भूमि का पट्टा बनाने व उसकी जांच करने में ग्रामसेवक व पंचायत प्रसार अधिकारी का मुख्य कार्य होता है। गत एक पखवाड़े से ग्रामसेवक व पंचायत प्रसार अधिकारी भी हड़ताल पर होने के कारण पट्टा वितरण कार्यक्रम बंद पड़ा है।
कृषि ऋण व भूमि रहन में हो रही परेशानी
आगामी दिनों में होने वाली बारिश व खरीफ की फसल को लेकर बैंकों व सहकारी समितियों की ओर से किसानों को ऋण देने की प्रक्रिया की जाती है। कृषि ऋण देने से पूर्व नियमानुसार किसान की भूमि का रहननामा स्वीकृत कर नामांतरण की प्रति देने पर बैंक व सहकारी समितियों की ओर से किसानों के ऋण स्वीकृत करने की कार्रवाई की जाती है। गत एक सप्ताह से राजस्व कार्मिकों व अधिकारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते नामांतरण में रहननामा दर्ज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बैंक व सहकारी समितियों की ओर से ऋण स्वीकृति की कार्रवाई भी नहीं हो पा रही है। यदि आगामी कुछ दिनों तक हड़ताल और चल जाती है, तो इस वर्ष किसानों को खरीफ फसल के दौरान कृषि ऋण नहीं मिल पाएगा। ऐसे में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जिसका असर बुआई पर भी पड़ेगा।
Published on:
22 Jun 2017 07:50 pm
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