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भाजपा विधायक संजय पाठक की बढ़ सकती हैं मुश्किलें…

mp news: विधायक संजय पाठक का नाम अब आवासीय योजना की भूमि के हेर फेर से जुड़ा, पहले ही आदिवासियों के नाम पर करोड़ों की जमीन खरीदने के लग चुके हैं आरोप।

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KATNI

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mp news: मध्यप्रदेश के कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक संजय पाठक की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पहले ही आदिवासियों के नाम करोड़ों की जमीन खरीदने के आरोपों से घिरे विधायक संजय पाठक पर अब कांग्रेस ने आवासीय योजना की भूमि के हेर फेर के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने संजय पाठक पर आरोप लगाते हुए महापौर की जनसुनवाई में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा विधायक संजय पाठक पर गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता कमल पांडेय ने महापौर प्रीति सूरी की जनसुनवाई में सायना हिल्स जमीन घोटाले की शिकायत सौंपी। इसमें आरोप लगाए गए हैं कि नगर सुधार न्यास (अब नगरपालिका निगम) द्वारा आम नागरिकों को रियायती दरों पर आवासीय भू-खंड उपलब्ध कराने विकसित आवासीय योजना क्रमांक-15 की अधिग्रहीत संपूर्ण जमीनें विधायक पाठक ने पद और प्रभाव का उपयोग कर अपने परिवार और निकटजनों के नाम करा लीं। विधायक ने नगरपालिक निगम एवं राजस्व विभाग की मिलीभगत से पूरे भूखंड को अपनी पारिवारिक कंपनियों और परिजनों के नाम पर क्रय कराया। कांग्रेस नेता पांडेय ने बताया कि इस संबंध में वे पूर्व में भी 29 सितंबर, 10 नवंबर और 16 दिसंबर 2025 को आयुक्त के समक्ष दस्तावेजों सहित शिकायत की, लेकिन राजनीतिक दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

55 एकड़ से ज्यादा पर कब्जे का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि संजय पाठक ने आवासीय योजना की करीब 41 एकड़ भूमि 30 विक्रय पत्रों से खरीदी है, लेकिन मौके पर करीब 55 एकड़ भूमि पर 20-20 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल बनाकर कब्जा किया गया है। इससे औद्योगिक केंद्र विकास निगम और नगरपालिक निगम की भूमि पर अतिक्रमण का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने शीघ्र ही जनहित में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट और जनआंदोलन की चेतावनी भी दी। कांग्रेस का ये भी आरोप है कि कटनी शहर से लगे ग्राम झिंझरी और ग्राम अमकुही के बीच स्थित सरहदी नाले से छेड़छाड़ कर उसे पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-7 से दक्षिण दिशा की ओर शिफ्ट कराया गया। जिससे सरकारी भूमि और नगर सुधार न्यास की अन्य योजनाओं की जमीन पर भी अवैध कब्जा हो गया। नाले की शिफ्टिंग के बाद ग्राम झिंझरी का रकबा लगभग 6 एकड़ बढ़ गया, जो वर्तमान में अवैध कब्जे में बताया गया है।