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चार साल…अनगिनत विरोध प्रदर्शन, दर्जनों ज्ञापन… समस्या जस की तस

-गोविंद वाटिका क्षेत्र के छह हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर -चौक चेम्बर और नाले मार रहे उफान, ऊबड़ खाबड़ सडक़ें दे रही जख्म – जलभराव और कच्चे चौक नालों से घरों में बैठी सीलन, लोग परेशान धौलपुर. चार साल… अनगिनत विरोध प्रदर्शन और दर्जनों ज्ञापन…लेकिन समस्या जस की तस। हम बात कर रहे […]

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चार साल...अनगिनत विरोध प्रदर्शन, दर्जनों ज्ञापन... समस्या जस की तस Four years...countless protests, dozens of memorandums...the problem remains the same

-गोविंद वाटिका क्षेत्र के छह हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर

-चौक चेम्बर और नाले मार रहे उफान, ऊबड़ खाबड़ सडक़ें दे रही जख्म

- जलभराव और कच्चे चौक नालों से घरों में बैठी सीलन, लोग परेशान

धौलपुर. चार साल... अनगिनत विरोध प्रदर्शन और दर्जनों ज्ञापन...लेकिन समस्या जस की तस। हम बात कर रहे हैं राजाखेड़ा बाइपास स्थिति गोविंद वाटिका क्षेत्र की पांच कालोनियों के छह हजार लोगों की। जो आज भी जलभराव, उफान मारते चेम्बर और नालों से निकलते गंदे पानी के बीच जीने को मजबूर हैं। जिन्हें आश्वासन तो बहुत दिया गया, लेकिन समस्याओं का हल अभी तक नहीं किया गया।

जलभराव...उफान मारते चेम्बर और नाले धौलपुर शहर की पहचान बन चुके हैं। जहां शहर की लगभग हर कालोनी जिम्मेदारों के द्वारा परोसी गई इन समस्याओं से ग्रसित हैं। समस्याओं को दूर करने पिछले दो सालों से हर गली मोहल्लों में लोगों ने प्रदर्शन किए, शहर प्रशासन से लेकर परिषद प्रशासन के दर पर बार-बार हजारों लोग फरियाद लेकर पहुंचे, लेकिन लोगों को मिला क्या सिर्फ...आश्वासन। समस्याओं को दूर करने के कोई प्रयास नहीं किए गए।

यही कारण है कि शहर की एक दर्जन कालोनी अभी भी जलभराव की चपेट में हैं और इन्हीं में शामिल है गोविंद वाटिका क्षेत्र। जहां की पांच कालोनी बलराम बिहार, चरण कालोनी, राठौर कालोनी, सुदंर कालोनी और राधापुरम के लगभग छह हजार लोग नरकीय जीवन जी रहे हैं। क्षेत्र में पांच निजी स्कूलों का संचालन भी किया जाता है जहां सैकड़ों नौनिहाल ऊबड़ खाबड़ रास्तों पर हो रहे जलभराव में से होकर अध्ययन करने जाने को मजबूर हैं। क्षेत्र के लोग इन समस्याओं से पिछले कई सालों से जूझ रहे हैं। नाराज लोगों का कहना है कि हमको तो शहर प्रशासन, नगर परिषद से लेकर नेता लोग भी अपना नहीं मानते। यही कारण है कि न तो हमारे क्षेत्र में कभी नालों की सफाई होती है और न ही सडक़ों पर झाडू लगता है।

हाल-ए-गोविंद वाटिका क्षेत्र

गोविंद वाटिका क्षेत्र की बलराम बिहार कालोनी, चरण कालोनी, राठौर कालोनी, सुदंर कालोनी और राधापुरम के लोगों का हाल बेहाल है। इन कालोनियों में जाने का प्रमुख रास्ता ही जर्जर हालात में है, जहां सडक़ ढूंढे से भी नहीं मिलेगी, मिलेंगे तो सिर्फ भारी गड्ढे और उनमें होता जलभराव। क्षेत्र की जलनिकासी भी सुदृढ़ न होने के कारण चेम्बर उफान मार रहे हैं, जिनका पानी सडक़ों पर भर रहा है, तो वहीं कुछ माह पहले ही साफ किए गए नाले फिर दलदल बन चुके हैं। नाले कच्चे होने के कारण लोगों के घरों में पानी बैठ रहा है। जिस कारण कई घरों में सीलन आने से दरारें तक पड़ चुकी हैं। ऊबड़-खाबड़ रास्ते से निकलते वक्त बुजुर्ग और बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सबसे बड़ी बात यह है कि कुछ माह पहले ही क्षेत्र के नालों की सफाई ठेका पद्धति से कराई गई थी, लेकिन नालों की सफाई में कोताही बरती गई यही कारण है कि नाले फिर चौक हो रहे हैं और उनका पानी रास्तों में भर रहे है। तो गंदगी और बदबू से लोगों का हाल बेहाल है।

एक माह धरना...दर्जनों ज्ञापन समस्या जस की तस

समस्याओं को लेकर क्षेत्र के लोग दर्जनों बार प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी समस्याओं को दूर करने की गुहार लगा चुके हैं। यहां तक कि एक माह तक धरना भी दिया गया, लेकिन हाथ कुछ नहीं आया। गत वर्ष भारी जलभराव के कारण गुस्साए क्षेत्र के लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। जिसके बाद तत्कालीन नगर आयुक्त अशोक शर्मा के मौका निरीक्षण करने पर लोगों ने आयुक्त का घेराव करते हुए अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं तब उन्होंने भी लोगों को जल्द समस्याओं को दूर करने की बात कही, लेकिन वह बात...बात ही बनकर रह गई और आज भी लोग समस्याओं से दो-चार हो रहे हैं।

उम्मेद नगर में नाला किया बंद

क्षेत्र में जलभराव का प्रमुख कारण जलनिकासी का सुदृढ़ न होना है। इलाके के पानी को निकालने के लिए राजाखेड़ा पुल के नीचे से नाला बना है, जो कि उम्मेद नगर से आगे जाकर खनतियों तक जाता है, लेकिन प्रॉपर जलनिकासी न होने के कारण उम्मेद नगर के लोगों ने नाला को अवरुद्ध कर दिया है। जिस कारण पानी आगे न जाकर गोविंद वाटिका क्षेत्र में ही भर रहा है। तो वहीं सालों से चेम्बरों की सफाई नहीं हुई है कि अब उफान मार रहे हैं।

क्षेत्र में चार से बदतर हालात हैं। दर्जनों बार डीएम, नगर परिषद को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं से अवगत कराया। एक माह तक मैंने और लोगों ने धरना तक दिया, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ।

-शैलेन्द्र यादव, पार्षद प्रतिनिधि वार्ड 56