
जिले में साल 2023 में 14 और साल 2025 में 4 नए मरीज मिले
- विश्व कैंसर दिवस आज
धौलपुर. आज अंतरराष्ट्रीय कैंसर दिवस है। कैंसर एक बीमारी है जिसका अभी तक कोई कारगर इलाज नहीं है, केवल सावधानी और सतर्कता ही बचाव है। हर साल ४ फरवरी को कैंसर को लेकर आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम होते हैं। कैंसर वैश्विक महामारी है और अलग-अलग स्तरों पर इससे मानव युद्ध लड़ रहा है। धौलपुर में भी कैंसर के मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि, बीते दो साल से नए मरीजों की संख्या कम हुई है। साल 2023 में 14 और 2024 में 6 मरीज थे जो साल 2025 में घटकर 4 रह गए। इसी तरह तरह ओपीडी की भी संख्या घटी है। चिकित्सकों का कहना हैं कि मुंह का कैंसर तेजी से फैलता है। जिले में जो मरीज आ रहे हैं उनमें अधिकतर पान मसाना और धूम्रपान वाले अधिक हैं। चिकित्सक लोगों को धूम्रपान और गुटखा, खैनी व तंबाकू इत्यादि से पूर्ण रूप से दूर रहने की सलाह देते हैं। हालांकि, यह उत्पाद बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं।
2020 में एक करोड़ से अधिक मौतें
कैंसर में शरीर की कुछ कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विकसित होकर शरीर के अन्य भागों में फैलती हैं। दुनिया में कैंसर मृत्यु का प्रमुख कारण है, जिसके कारण 2020 में एक करोड़ से अधिक मौतें हुईं। भारत में 2022 में इसकी घटना दर 19 से 20 लाख (अनुमानित) मामलों के बीच बताई गई थी। तंबाकू का सेवन, शराब का लंबे समय तक सेवन, अस्वास्थ्यकर खान-पान की आदतें, शारीरिक व्यायाम की कमी और वायु प्रदूषण के संपर्क में आना और समेत अन्य कारण कैंसर के जोखिम कारक हैं।
हर छोटी-बड़ी दुकान पर बिक रहा जहर..
.वैसे तो शहर हो या गांव हर परचूनी या खोखों पर खाद्य पदार्थ भले ही नहीं मिले लेकिन धूम्रपान और पान मसाला इत्यादि आसानी से मिल जाते हैं। सरकार ने पूर्व में मसाला और तंबाकू अलग किया लेकिन इसके बाद भी इनके उत्पादन और बिक्री में कोई कमी नहीं दिखी। छोटी उम्र से लेकर बड़े तक तंबाकू और गुटखा खाते हुए नजर आ जाएंगे। वहीं, कई युवा तनाव को दूर करने के लिए धूम्रपान करते हैं जबकि इसका कोई लॉजिक नहीं है। पीएमओ डॉ.सिकरवार कहते हैं कि जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय है। सभी को मिलकर इसके लिए लड़ाई लडऩे की आवश्यकता है।
कैंसर की रोकथाम के उपाय- फलों और सब्जियों से भरपूर और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और लाल मांस से कम पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- नियमित व्यायाम और स्वस्थ वजन बनाए रखना- तंबाकू उत्पादों के सेवन से परहेज करना
- न्यूनतम शराब का सेवन- पराबैंगनी किरणों से बचाव के उपायों में सनस्क्रीन का उपयोग करना और सुरक्षात्मक कपड़े पहनना शामिल है।
- नियमित रूप से अनुशंसित कैंसर जांच में भाग लेना।- पर्यावरण में मौजूद हानिकारक रसायनों के संपर्क से बचना
- कैंसर पैदा करने वाले ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वायरस के खिलाफ टीकाकरण
जिले की स्थिति इस प्रकार
साल नए मरीज ओपीडी क्रीमोथैरेपी
जिले की स्थिति इस प्रकार
साल नए मरीज ओपीडी क्रीमोथैरेपी
2023 14 247 148
2024 06 116 91
2025 04 99 66
(केयर सेंटर से मिले आंकड़े)
- केयर सेंटर पर प्रति माह करीब 10 से 15 लोग पहुंचते हैं। जांच जयपुर में होती है। धौलपुर पर मरीज को दवा उपलब्ध करवाई जाती है। पान मसाला और धूम्रपान के केस अधिक आते हैं। महिलाओं में बुजुर्ग के केस हैं। मुंह का कैंसर तेजी से फैलता है। लगातार जागरुक किया जा रहा है।- डॉ.अनुज गुप्ता, चिकित्सक
Published on:
04 Feb 2026 11:59 am
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