
स्वर्ण-धरा पर गुजरातियों ने बरसाए 60 करोड़
दिवाली के दीप जगमगाने के बाद अपने घरों से घूमने निकले गुजराती सैलानियों ने इस बार भी स्वर्णनगरी के हजारों घरों तक खुशियां पहुंचाने का काम किया। दिवाली के दूसरे दिन यानी गोवद्र्धन पूजा के दिन से लेकर लाभ पंचमी के दौरान करीब ४० हजार गुजराती सैलानियों ने स्वर्णनगरी पर लगभग ६० करोड़ की धनवर्षा की। अधिकांश गुजराती सैलानी अब लौटने लगे हैं। इससे पहले उन्होंने जैसलमेर के सोनार दुर्ग से लेकर सम के लहरदार धोरों पर घूमने का जमकर लुत्फ उठाया। वैसे स्वर्णनगरी में पर्यटन सीजन के उफान के समय होटलों व रिसोर्ट्स का किराया दो से तीन गुना तक पहुंच गया। शहर के रेस्टोरेंट्स में पग धरने को जगह नहीं मिली। विश्वकप का फाइनल अहमदाबाद में होने की वजह से गुजराती सैलानी लाभ पंचमी यानी शनिवार दिन से लेकर रात तक में लौटने लगे। गौरतलब है कि गुजरात में दिवाली की छुट्टियां पांच दिन तक वहां का व्यापारी समुदाय भी मनाया करता है। यह अवकाश लाभ पंचमी तक चलता है। इस अवधि में हर बार की भांति इस बार भी अपेक्षानुरूप गुजराती स्वर्णनगरी घूमने आए। वैसे राजस्थान में उनके पसंदीदा भ्रमण स्थलों में उदयपुर, माउंट आबू के साथ स्वर्णनगरी जैसलमेर का ही शुमार होता है। बूम में नो रूम
- स्वर्णनगरी में कई सैलानियों को होटल या गेस्ट हाऊस की छतों पर रात गुजारने की नौबत आई और उन्हें बरामदों में मजबूरीवश सोना पड़ा।
- दिन में ऐतिहासिक सोनार दुर्ग की घाटियों पर महानगरों जैसा यातायात जाम दिखाई दिया। शाम को यह नजारा सम सेंड ड्यून्स पर नजर आया। स्वर्णनगरी की होटलें, धर्मशालाएं और सम व खुहड़ी के रिसोट्र्स खचाखच भर गए।
- दिवाली के बाद स्वर्णनगरी में गुजराती सैलानियों का सैलाब उमडऩे से होटल-रिसोर्ट्स-रेस्टोरेंट्स से लेकर पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को अच्छी कमाई हुई। दिवाली से शुरू हुआ गुजराती पर्यटकों की बम्पर आवक का सिलसिला चरम पर पहुंचने तक जैसलमेर पर्यटन की झोली में कम से कम ६० करोड़ रुपए की सौगात डाल गया।
- इन दिनों हालत यह है कि नौसिखिए गाइड्स को भी दिन में तीन से चार पार्टियां घूमाने के लिए मिल रही है। ये गाइड सैलानियों को दुर्ग और पटवा हवेलियों की सैर करवाते हैं। हाल में पर्यटन विभाग ने जिन गाइड्स की भर्ती की है, उनके लिए दिवाली का सीजन अच्छी शुरुआत की वजह बन गया। उन्होंने बताया कि गुजराती सैलानियों की बम्पर आवक से उनके परिवारों ने भी खुशी-खुशी दिवाली मनाई।
- दुर्ग में सैलानियों का मेला रविवार को भी नजर आया। हालांकि इनमें गुजराती सैलानियों के साथ अन्य प्रांतों के लोग भी शामिल रहे। दुर्ग की घाटियां इन सैलानियों से सराबोर रही वहीं दुर्ग के दशहरा चौक में तो मानो कोई मेला लगा हुआ है। दुर्ग के अलावा गड़ीसर सरोवर को निहारने और नौकायन करने बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। जैसलमेर भ्रमण पर आए अधिकांश सैलानी शाम को मुख्यालय से 42 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सम सेंड ड्यून्स का रुख कर रहे हैं।
- धोरों पर बने रिसोट्र्स में शाम लोक संगीत की महफिलें सजती हैं। सैलानी यहां मरु संस्कृति के रंग में रंगे नजर आते हैं। होटलों व रिसोट्र्स को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
- स्वर्णनगरी में गुजराती पर्यटकों के आगमन से पर्यटन व्यवसायियों में नए जोश का संचार हुआ है। गुजराती सैलानियों के आगमन ने पर्यटन व्यवसाय में नई जान आई है।
Published on:
20 Nov 2023 09:22 am

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