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पोकरण(जैसलमेर). भीषण गर्मी के मौसम में क्षेत्र में गहराए पेयजल संकट के चलते आमजन बेहाल हो रहा है। अब लोगों का गुस्सा भी फूटने लगा है। सोमवार को ओढ़ाणिया व कालीमगरी से आए ग्रामीणों ने जलदाय विभाग कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की। ओढ़ाणिया से उप सरपंच प्रद्युम्न रतनू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार को सुबह जलदाय विभाग कार्यालय पहुंचे। उन्होंने यहां अधिकारियों की अनुपस्थिति पर रोष जताया। यहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया तथा मटकियां भी फोड़ी। ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी को एकज्ञापन सुपुर्द कर ओढाणिया में व्याप्त पेयजल संकट से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि गत दो माह से जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है, तो मवेशी पानी के लिए दर-दर भटककर दम तोड़ रहे है। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु करने की मांग की।
काली मगरी से पहुंची महिलाएं
क्षेत्र के कालीमगरी से बड़ी संख्या में महिलाएं सोमवार को सुबह जलदाय विभाग कार्यालय पहुंची। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर आधे घंटे तक धरना दिया। उन्होंने अधिकारियों की अनुपस्थिति में यहां उपस्थित कार्मिकों को गांव में दो माह से व्याप्त पेयजल संकट के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि धूड़सर से कालीमगरी तक पाइपलाइन में जगह-जगह कचरा आ जाने, अवैध कनेक्शन हो जाने व पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति नहीं होने के कारण उन्हें पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है तथा धूड़सर या पोकरण शहर से 600 से 800 रुपए प्रतिट्रैक्टर टंकी पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है एवं गांव में मवेशी को भी पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। गांव की नाडियों में पानी नहीं होने के कारण प्यास के मारे मवेशी दम तोड़ रहे है। उन्होंने गांव तक जाने वाली पाइपलाइन की जांच करवाने, लीकेज निकलवाने व जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की।
Published on:
29 May 2018 10:28 pm
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