
पोकरण क्षेत्र के माड़वा से फलसूंड तक तीन वर्ष पूर्व निर्मित डामर सडक़ रख-रखाव व मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त हो रही है। हालात यह है कि 59 किलोमीटर के सफर में 5 जगहों पर 25 से अधिक घाव हो गए है। ऐसे में आवागमन में परेशानी हो रही है। रात में हादसे की भी आशंका बनी हुई है। जनवरी 2022 में माड़वा से स्वामीजी की ढाणी तक 35.40 करोड़ रुपए की लागत से 59 किलोमीटर डामर सडक़ का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। करीब 7-8 माह में पूरी सडक़ का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया। जिसके कुछ माह बाद ही सडक़ क्षतिग्रस्त होने लगी। बारिश के कारण कई जगहों पर डामर उखडऩे व गहरे गड्ढ़े होने पर सडक़ की मरम्मत भी की गई, लेकिन कुछ माह बाद यहां सडक़ फिर क्षतिग्रस्त हो गई। विगत तीन वर्ष में सडक़ जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होकर डामर उखड़ चुका है।
माड़वा से स्वामीजी की ढाणी व फलसूंड के बीच माड़वा, भणियाणा, स्वामीजी की ढाणी व भीखोड़ाई के पास हालात सबसे खराब है। यहां कई जगहों पर सडक़ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। साथ ही डामर उखड़ जाने के कारण गहरे गड्ढ़े हो गए है। ऐसे में राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
गौरतलब है कि यह सडक़ पूर्व में कम चौड़ाई की थी और लगभग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पड़ी थी। सडक़ के नवीनीकरण, विस्तार व सुदृढ़ीकरण के बाद यहां यातायात दबाव भी बढ़ गया है। ऐसे में क्षतिग्रस्त सडक़ व गहरे गड्ढ़ों के कारण यहां हर समय हादसे का भय बना रहता है। रात में पर्याप्त रोशनी के अभाव में किसी बड़े हादसे से इनकार भी नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके सडक़ की मरम्मत को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है।
माड़वा-फलसूंड के बीच करीब पांच-छह जगहों पर पानी भराव की समस्या थी। वहां पुलिए निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिए गए है। शीघ्र ही कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा क्षतिग्रस्त सडक़ की मरम्मत के लिए एक सप्ताह में कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
Published on:
04 Feb 2025 11:34 pm
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