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अमृतम्- जलम् : रावली नाड़ी पर स्वच्छता श्रमदान: युवाओं में दिखा उत्साह

राजस्थान पत्रिका के अमृतम जलम अभियान से प्रेरणा लेते हुए नाचना कस्बे में जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर रविवार को एक अनुकरणीय पहल देखने को मिली।

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राजस्थान पत्रिका के अमृतम जलम अभियान से प्रेरणा लेते हुए नाचना कस्बे में जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर रविवार को एक अनुकरणीय पहल देखने को मिली। ग्राम के मनसा देवी मंदिर के पास स्थित रावली नाड़ी में पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने मिलकर श्रमदान किया और जलाशय की सफाई कर उसे फिर से संवारने का कार्य किया।सवेरे से ही गांव के नागरिक रावली नाड़ी पर जुटने लगे। कोई झाड़ू लेकर आया, कोई कुदाल तो कोई कंटीली झाड़ियों को काटने के औज़ार। खास बात यह रही कि श्रमदान में युवाओं की भी भागीदारी दिखाई दी। ग्राम पंचायत नाचना के सरपंच तेजल सोनी ने अभियान को सहयोग प्रदान करते हुए दो ट्रैक्टर मौके पर भिजवाए, जिनमें झाड़ियों और कूड़े-कचरे को भरकर गांव से बाहर निस्तारित किया गया। जलाशय के तल में जमा गंदगी को साफ करने के लिए ग्रामीणों ने झाड़ू लगाई और झाड़ियों को काटकर स्थान साफ किया। इस अवसर पर राजूसिंह, भैरूसिंह, दिलीपसिंह, सुरेंद्र कुमार, गिरिराज प्रजापत, अशोक भार्गव, महावीर, बबलू, लता देवी और लीला देवी सहित कई ग्रामीणों ने श्रमदान में भाग लिया। सभी ने हाथों में झाड़ू, फावड़े और कुदाल लेकर स्वच्छता के अभियान में भागीदारी की। श्रमदान के अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों ने शपथ ली कि वे भविष्य में भी अपने जलाशयों को स्वच्छ बनाए रखने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि गांव के युवाओं की टोलियां बनाकर जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।राजस्थान पत्रिका के अमृतम जलम अभियान की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि यह अभियान न केवल जल संरक्षण की प्रेरणा देता है, बल्कि समाज को जलाशयों की महत्ता का पुनः स्मरण भी कराता है। कार्यक्रम के संयोजक दामोदर भार्गव ने राजस्थान पत्रिका की इस सामाजिक पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान राज्य भर में बड़ी संख्या में जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य कर चुका है और इसका असर अब गांव-गांव में दिखाई दे रहा है।

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