राज्य कर्मचारियों के 41 हजार करोड़ केंद्र सरकार की ओर से नहीं लौटाना संविधान का अपमान: सिंह
जैसलमेर. एनपीएसइएफआर प्रदेश संयुक्त सचिव दशरथ सिंह राठौड़ सिहड़ार ने राज्य कर्मचारियों के 41 हजार करोड़ केन्द्र सरकार की ओर से नहीं लौटाए जाने को संविधान का अपमान बताया है। उन्होंने बताया कि
प्रदेश में पुरानी पेंशन पूर्ण रूप से बहाल होने के 1 वर्ष बाद भी केंद्र सरकार की ओर से राज्य के कर्मचारियों व अधिकारियों के 41000 करोड़ रुपए वापस नहीं लौटाया जाना संविधान के खंड 11 अनुसूची 7 का अपमान है। इन 41 हजार करोड़ रुपयों में केद्र सरकार का एक रुपया भी नही है। यह पूरा पैसा कर्मचारी व राजस्थान सरकार का है, उसके बावजूद केंद्र 41 हजार करोङ देने मे आनाकानी कर रहा है, जो अन्याय है। प्रदेश उप सचिव जोरावरसिंह भाटी ने बताया कि 1 जनवरी 2004 के बाद राज्य सेवा में आए कर्मचारियों पर नवीन पेंशन योजना नामक म्युच्अल फंड स्कीम थोप दी थी, जिसके दुष्प्रभावों के चलते सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को पेंशन की जगह 250 से 1200 रुपए तक मासिक एन्युटी प्राप्त होने के उदाहरण राजस्थान में सामने आए थे। मोहनगढ ब्लॉक संयोजक नरेश कुमार घिंटाला एवं समन्वयक आनंद सिंह रूपावत ने बताया कि न्यू पेंशन स्कीम नामक म्यूचल फंड योजना में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली धनराशि को केंद्र सरकार ने एनपीएस नियमावली में कभी भी पेंशन नहीं कहा है।