5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरदार वल्लभभाई पटेल तथा इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व युवाओं के लिए प्रेरणादायक: तंवर

सरदार वल्लभभाई पटेल तथा इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व युवाओं के लिए प्रेरणादायक: तंवर

less than 1 minute read
Google source verification
सरदार वल्लभभाई पटेल तथा इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व युवाओं के लिए प्रेरणादायक: तंवर

सरदार वल्लभभाई पटेल तथा इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व युवाओं के लिए प्रेरणादायक: तंवर

जैसलमेर. जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जिला कार्यालय में भारत के पूर्व गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती तथा भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस दौरान 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष उम्मेदसिंह तंवर ने दोनों विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित की तथा सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश में आजादी की लड़ाई में योगदान के साथ.साथ देश की एकता के लिए देश की 562 रियासतों का भारत में विलय कर भारत के गणराज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी प्रकार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश की अखंडता व एकता बनाए रखने के लिए प्राणों की आहुति दी। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सुमार खान ने बताया कि इंदिरा गांधी अदम्य साहस की प्रतीक थी। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गिरीश व्यास ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने रियासतों के एकीकरण के साथ-साथ स्वतंत्र भारत के गृह मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस मौके पर पूर्व प्रधान मूलाराम चौधरी ने भी सभा को संबोधित किया। उप जिला प्रमुख डॉक्टर भूपेंद्र बारूपाल ने भी सभा को संबोधित किया। उप सभापति खीवसिंह राठौड़ ने सरदार वल्लभभाई पटेल तथा इंदिरा गांधी को सुमन अर्पित किए तथा कहा कि दोनों विभूतियां हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम तथा स्वतंत्र भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
मंच का संचालन देवका राम माली ने किया। इस दौरान सभा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य जानब खां भैया, वरिष्ठ कांग्रेसी राणजी चौधरी, छोटू खां कंधारी, बालाराम धंदे, पार्षद दुर्गेश आचार्य, कमलेश छंगानी, घनश्याम मेघवाल, आनंद व्यास, चंचल व्यास, चंद्रप्रकाश पुरोहित, धर्मेंद्र आचार्य, भरत के श्रीमाली आदि मौजूद थे।