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Jaisalmer news- राजस्थान मदरसा बोर्ड ने उडा दी मदरसा संचालकों की नींद, नहीं किया यह तो होगा…

- मदरसों को बंद करने व शिक्षा सहयोगियों को हटाने की भी होगी कार्रवाई -राजस्थान मदरसा बोर्ड जयपुर की ओर से निर्देश जारी

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नामांकन बढ़ाओ, नहीं तो निरस्त होगा पंजीयन

पोकरण. राजस्थान मदरसा बोर्ड जयपुर की ओर से पंजीकृत मदरसों को शिक्षा सत्र के मध्यांतर में नामांकन बढाने के आदेश देकर मदरसों व यहां कार्यरत शिक्षा सहयोगियों की परेशानी बढ़ा दी है। बोर्ड की ओर से कम नामांकन वाले मदरसों का पंजीयन निरस्त करने व यहां कार्यरत शिक्षा सहयोगी की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए गए है, जिससे पंजीकृत मदरसों की चिंताएं बढने लगी है तथा शिक्षा सहयोगियों को अपनी नौकरी पर तलवार लटकती नजर आ रही है। गौरतलब है कि दिसम्बर माह में आधा शिक्षा सत्र पूर्ण हो रहा है तथा अद्र्धवार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां चल रही है। ऐसे में अब नामांकन बढाने के आदेश पंजीकृत मदरसों के सदर, सचिव व शिक्षा सहयोगियों के लिए आफत बन गया है।
बढ़ाओ नामांकन, नहीं तो बंद करो मदरसा
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अल्पसंख्यक मामलात जैसलमेर की ओर से जिले के समस्त पंजीकृत मदरसों को जारी परिपत्र संख्या 1287-1302 के अनुसार सचिव राजस्थान मदरसा बोर्ड की ओर से ऐसे मदरसे जिनका नामांकन 35 से कम है, उन्हें 31 दिसम्बर 2017 तक नामांकन बढाने के आदेश दिए गए है। इस परिपत्र में बताया गया है कि जिन मदरसों की नामांकन संख्या 35 से कम होगी, ऐसे मदरसों का पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी एवं मदरसे में कार्यरत शिक्षा सहयोगियों की सेवाएं भी समाप्त की जाएगी।

IMAGE CREDIT: patrika

अब कैसे बढ़े नामांकन!
शिक्षा सत्र की शुरुआत जुलाई माह में होती है तथा जून माह के अंतिम सप्ताह में पंजीकृत मदरसों व विद्यालयों में प्रवेशोत्सव मनाया जाता है। इस दौरान नामांकन में वृद्धि होती है। विद्यालयों व मदरसों में भर्ती होने वाले विद्यार्थी जून व जुलाई माह में अपना नामांकन करवा लेते है। अब दिसम्बर माह में आधा शिक्षा सत्र पूर्ण होने जा रहा है तथा अद्र्धवार्षिक परीक्षाएं भी आयोजित होगी। ऐसे में नामांकन बढाने को लेकर पंजीकृत मदरसों के शिक्षा सहयोगी असमंजस में पड़ गए है।
सामने यह है चुनौती
-जैसलमेर जिला दूर दराज गांवों व छितराई ढाणियों में फैला हुआ है।
-यहां छोटे बच्चे दो से तीन किमी तक सफर कर मदरसे व विद्यालय पहुंचकर अध्ययन करते है।
-अधिकांश ढाणियों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय भी संचालित किए जा रहे है तथा कई बच्चे ढाणी में स्थित विद्यालय में भी अध्ययन करते है।
-आधा शिक्षा सत्र व्यतीत हो जाने के बाद नामांकन बढाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।

नए शिक्षा सत्र में किए जाएंगे प्रयास
आधा शिक्षा सत्र पूर्ण हो जाने के बाद नामांकन वृद्धि करना संभव नहीं है। फिर भी इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। नए शिक्षा सत्र 2018-19 में शिक्षा सत्र के प्रारंभ से ही शत प्रतिशत नामांकन बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
-रहमतुल्ला, सचिव मदरसा तालिमुल इस्लाम, सेलवी पोकरण।