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बीएड इंटर्नशिपअवधि में वेतन कटौती… शिक्षक वर्ग में मुखर हो रहे विरोध के स्वर

बीएड इंटर्नशिप अवधि के दौरान अध्यापक लेवल प्रथम के वेतन में की गई कटौती से प्रदेश के शिक्षक वर्ग में विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं।

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बीएड इंटर्नशिप अवधि के दौरान अध्यापक लेवल प्रथम के वेतन में की गई कटौती से प्रदेश के शिक्षक वर्ग में विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं। अध्यापक लेवल- प्रथम ने इसको अन्यायपूर्ण, अव्यावहारिक, शिक्षक विरोधी और मानवीय संवेदनाओं के विरुद्ध बताया है। उनका कहना है कि इसको तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। गौरतलब है कि डीएलएड योग्यताधारी अध्यापक लेवल प्रथम उच्च अध्ययन के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों से पत्राचार के माध्यम से बीएड पाठ्यक्रम करते हैं। इस दौरान उनकी सीमित अवधि की इंटर्नशिप उनके स्वयं के विद्यालय या नजदीकी राजकीय विद्यालय में होती है। इंटर्नशिप अवधि में शिक्षक नियमित रूप से अध्यापन कार्य, शैक्षणिक गतिविधियां, परीक्षा कार्य और प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं।

विभिन्न शिक्षक संघों का कहना है कि बीएड इंटर्नशिप अवकाश नहीं बल्कि सेवा में रहते हुए शिक्षण दक्षता बढ़ाने की अनिवार्य प्रक्रिया है। इसके बावजूद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने आदेश जारी किया है कि इंटर्नशिप अवधि को कर्तव्य नहीं माना जाएगा। इस आदेश के तहत समस्त आहरण वितरण अधिकारी अध्यापक लेवल के इंटर्नशिप अवधि का वेतन काट रहे हैं। उनका तर्क है कि वेतन कटौती शिक्षक के परिश्रम और समर्पण का अपमान है। सीमित वेतन, बढ़ती महंगाई, पारिवारिक दायित्व और सामाजिक उत्तरदायित्वों के बीच शिक्षक राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। ऐसे समय में वेतन कटौती उन्हें आर्थिक संकट, मानसिक तनाव और पारिवारिक अस्थिरता की ओर धकेल रही है।

सवाल : पढ़ाई नहीं हो रही बाधित तो वेतन कटौती क्यों ?

शिक्षक संघों ने सवाल उठाया कि जब शिक्षक की सेवाएं स्वयं के या नजदीकी राजकीय विद्यालय में ही ली जा रही हैं, विद्यालयों का शैक्षणिक कार्य सुचारु रूप से संचालित है और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं हो रही है, तब वेतन कटौती का औचित्य क्या है। यह आदेश सेवा शर्तों की मूल भावना के विरुद्ध है और समान कार्य–समान वेतन के सिद्धांत पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है।

यह है स्थिति

प्रदेश भर में बीएड पत्राचार पाठ्यक्रम करने वाले अध्यापक स्तर- प्रथम की संख्या हर वर्ष लगभग 2000 से अधिक है। प्रमुख विश्वविद्यालयों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, पंजाब
वर्धा यूनिवर्सिटी, महाराष्ट्र, कोटा यूनिवर्सिटी, कोटा, इग्नू यूनिवर्सिटी, दिल्ली, जामिया यूनिवर्सिटी, दिल्ली, भोज यूनिवर्सिटी, भोपाल, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी-नैनीताल आदि शामिल है।

हकीकत यह भी

  • बीएड इंटर्नशिप अवधि सेवा का हिस्सा, अवकाश नहीं।
  • इंटर्नशिप अवधि में शिक्षक नियमित रूप से अध्यापन और प्रशासनिक दायित्व निभाते हैं।
  • हर वर्ष लगभग 2000 अध्यापक पत्राचार बीएड पाठ्यक्रम करते हैं।
  • प्रदेशभर के प्रमुख विश्वविद्यालयों से बीएड पत्राचार पाठ्यक्रम किया जाता है।वेतन में कटौती करना अन्याय, वापिस लेना चाहिए आदेशबीएड इंटर्नशिप शिक्षकों के प्रशिक्षण का हिस्सा है, न कि दंडित करने का माध्यम। जब शिक्षक पूरी निष्ठा से विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं, तब वेतन में कटौती करना घोर अन्याय है। सरकार को यह आदेश तत्काल वापस लेना चाहिए। यदि शिक्षक का मनोबल टूटेगा तो उसका सीधा असर विद्यार्थियों और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। संघ इस मुद्दे पर किसी भी स्तर तक जाने को मजबूर होगा।
  • विजय सुथार, प्रदेशाध्यक्ष, प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम)