
रामदेवरा कस्बे की प्रमुख व्यस्त सडक़ों के किनारे पेड़ों की कमी के कारण न केवल स्थानीय बल्कि देश भर से रामदेवरा में बाबा रामदेव की समाधि दर्शन को आने वाले लाखो यात्री भी गर्मी के दौरान भारी परेशानी उठाते हैं। जानकारों के अनुसार पर्यावरण सरंक्षण के दौरान क्षेत्र की सभी सडक़ों के किनारे सघन पौधरोपण कर कुछ साल पौधों की सार-संभाल की जाए तो आने वाले समय में सडक़ों के किनारे उगे पेड़ भीषण गर्मी में भी राहगीरों को शीतल छाया देंगे। इन दिनों रामदेवरा के रेलवे स्टेशन से मंदिर की तरफ आने वाली मुख्य डामर सडक़ के दोनों तरफ हरे पेड़ों की कमी के चलते भीषण गर्मी में राहगीरों को पैदल चलने के दौरान छायादार जगह ढूंढने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
सडक़ों किनारे पेड़ों की कमी से लोगों को इन दिनों गर्मी से बहुत परेशानी हो रही है, क्योंकि पेड़ धूप से बचाव करते हैं और हवा को ठंडा रखते हैं। पेड़ तापमान को कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं प्रदूषण को कम करते हैं। पेड़ों की कमी के कारण, सडक़ें और आसपास का क्षेत्र बहुत गर्म हो जाता है, जिससे लोगों को गर्मी के दौरान सडक़ो पर आवागमन में भारी असुविधा होती है।
रामदेवरा में इन दिनों गर्मी और उमस अपने पूरे सबाब पर है। जिसके चलते सडक़ो के किनारे पेड़ नही होने पर आम लोग गर्मी से प्रभावित हो जाते हैं, जैसे कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होती है। कई बार भीषण गर्मी में पैदल चलने के दौरान लोगों को पैदल चलते समय चक्कर आते है और वे सडक़ पर गिर जाते हैं।
फैक्ट फाइल -
रामदेवरा की सडक़ों के किनारे अधिक से अधिक पौधे लगाए जाए। इन पौधों की कुछ साल सार-संभाल के बाद ये पेड़ बन जाएंगे। ऐसे में आने वाले समय में लोगों को इन पेड़ों की छाया का गर्मी के मौसम में लाभ मिल सकेगा।
Published on:
28 May 2025 10:34 pm

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