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…. तो रक्षा बंधन पर्व पर बहनें कैसे करेगी नि:शुल्क सफर

रक्षाबंधन पर बहनों के लिए दी गई नि:शुल्क यात्रा योजना पोकरण क्षेत्र के बड़े हिस्से में कागजों तक ही सीमित रही।

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रक्षाबंधन पर बहनों के लिए दी गई नि:शुल्क यात्रा योजना पोकरण क्षेत्र के बड़े हिस्से में कागजों तक ही सीमित रही। क्षेत्र के कई गांवों में रोडवेज बसों का संचालन नहीं होता है। नाचना, नोख, छायण, सांकड़ा जैसे बड़े गांवों में एक भी रोडवेज बस नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। इसके साथ ही सरकार की योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से प्रतिवर्ष रक्षाबंधन व महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को नि:शुल्क सफर करवाया जाता है। इसके अलावा महिलाओं को सफर के किराए में 50 प्रतिशत तक छूट दी गई है। पोकरण के ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों की कमी है। ऐसे में क्षेत्र की महिलाओं को इस छूट का कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ रहा है।

यहां नहीं मिलता लाभ

पोकरण के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी रोडवेज की बसों की कमी व अभाव के चलते महिलाओं को नि:शुल्क यात्रा का लाभ नहीं मिलता है। क्षेत्र के नाचना, छायण, सांकड़ा सहित आसपास क्षेत्रों में एक भी रोडवेज की बस संचालित नहीं होती है। जिसके चलते महिलाओं को निजी बसों में यात्रा करनी पड़ती है और सरकार के नि:शुल्क तोहफे का कोई लाभ नहीं मिलता है।

इन रूटों पर बसों की कमी

पोकरण से फलोदी, बीकानेर व बाड़मेर रूटों पर रोडवेज बसों की संख्या कम है। ऐसे में महिलाओं को छूट का लाभ नहीं मिलता है। यही नहीं वृद्धजनों, दिव्यांगों के लिए भी छूट की योजना है, लेकिन बसों की कमी के कारण क्षेत्र के पात्र ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाता है। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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