बारिश के साथ ही रूणिचा कुआ की ओर जाने वाला एकमात्र सडक़ मार्ग एक बार फिर ठप हो गया।
बारिश के साथ ही रूणिचा कुआ की ओर जाने वाला एकमात्र सडक़ मार्ग एक बार फिर ठप हो गया। रेलवे ट्रैक के नीचे बना अंडरब्रिज जलभराव से लबालब है। रविवार रात और सोमवार सुबह की बारिश ने पुलिया को पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे राहगीर परेशान हैं और जिम्मेदार अब तक चुप्पी साधे हैं।हर साल बड़ी धन राशि पंप किराए पर खर्च कर पानी निकाला जाता है, लेकिन स्थायी निकासी व्यवस्था अब तक नहीं बन पाई। रेलवे अंडरब्रिज -85 की यह कहानी बरसात में हर बार दोहराई जाती है, और समाधान की जगह सिर्फ टालमटोल होती है।
ग्रामीणों के मुताबिक यह मार्ग ही एकमात्र रास्ता है। अंडरब्रिज जलमग्न होने पर लोग जान जोखिम में डालकर सीधे रेलवे ट्रैक पर चलने को मजबूर हो जाते हैं। ट्रैक पार करते समय हादसे का डर बना रहता है, लेकिन अब तक कोई वैकल्पिक या सुरक्षित रास्ता नहीं बनाया गया। बारिश के साथ अंडरब्रिज पानी से भर जाता है। निकासी की कोई स्वचालित व्यवस्था नहीं है। प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद हर बार मोटर पंप से पानी खींचने का अस्थायी उपाय अपनाया जाता है।
रूणिचा बस्ती के लोगों ने मांग उठाई है कि अंडरब्रिज से जल निकासी की पुख्ता और तकनीकी व्यवस्था की जाए ताकि हर साल इस मुसीबत से राहत मिले और ग्रामीणों का जीवन आसान हो सके।