
Video: लकड़ी का कोयला बना कर बेचा, वन विभाग व उपनिवेशन विभाग ने की संयुक्त कार्यवाही
मोहनगढ(जैसलमेर). केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण व पैड़ पौधे लगाने को लेकर हर साल अरबों रूपये खर्च कर रही है। पौधारोपण व पर्यावरण संरक्षण को लेकर नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। उसके बाजवूद मोहनगढ के नहरी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। इन पेड़ पौधों को काटकर उनकी लकडियों को जलकार कोयला बनाया जा रहा है। पिछले कई सालों से कोयला बनाने का धंधा जोरों पर चल रहा है। इसके अलावा ऊंची पहुंच रखने वाले वन पट्टी में अपने मुरब्बे आवंटित करवा रहे है। अब उसमें खड़े हजारों की तादाद में हरे पेड़ पौधे काटे जा रहे है। उनका कोयला बनाया जा रहा है। हजारों बोरी कोयला बना कर बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, पंजाब, हरियाणा भेजा जा रहा है। 54 एसबीएस िस्थत वन विभाग के रेंज कार्यालय के पीछे 13-14 एसबीएस के एक मुरब्बे में रोहिड़ा, नीलगिरी, शीशम, देशी बबूल आदि के पौधे काटे गए। वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी अरूण कुमार सोनी, राजस्थान वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी महेन्द्र लेखाला, उपनिवेशन विभाग के गिरदावर नरेन्द्र कुमार बीयन, पटवारी राजेश कुमार गोस्वामी सहित वन विभाग के अन्य कार्मिक मौके पर पहुंचे। जहां पर मौका मुआयना कर उचित कार्यवाही की गई।
19 बीघा के करीब कृषि भूमि आवंटित, 29 बीघा में काटे पेड़ पौधे
मोहनगढ के नहरी क्षेत्र की वन पट्टी में हजारों की तादाद में हरे पेड़ पौधे काटे गए। जानकारी मिलने पर वन विभाग व उपनिवेशन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंच कर उचित कार्यवाही की गई। खेत में काेयला बनाने की बड़ी भट्टी भी बरामद की गई। 80 से अधिक कोयले से भरी बोरी वन विभाग द्वारा बरामद की गई। जिसे विभाग के वाहनों में भर कर मोहनगढ िस्थत वन विभाग के रेंज कार्यालय लाया गया। वहीं लगभग दो ट्रोली से अधिक अधजली लकड़ी व लकड़ी तथा 90 बोरी से अधिक कोयला उपनिवेशन विभाग द्वारा बरामद कर अपने कब्जे में ली गई। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी अरूण कुमार सोनी ने बताया कि 54 आरडी के पास चक 13-14 एसबीएस में मुरब्बा नंबर 13/55 विनोद नामक युवक के नाम से आवंटन किया गया है। लगभग 19 बीघा के करीब भूमि का आवंटन किया गया। इस मुरब्बे को मिला कर कुल 29 बीघा के करीब भूमि में से हरे पौधे राज्य पुष्प रोहिड़ा के पौधे, नीलगिरी, शीशम, देशी बबूल सहित अन्य पौधों को काटा गया। जिसमें पांच बीघा के करीब अनिवार्य वन पट्टी भी शामिल है। काटे गए पौधों की संख्या हजारों में हो सकती है। खेत में ही लकड़ी जलाकर कोयला बनाने के लिए भट्टी भी बना रखी है। जहां पर जली हुई लकड़ी व बोरियों में भरा कोयला भी मिला। वहीं वन पट्टी पर बनाए गए कोयले की लगभग 80 से अधिक बोरी बरामद कर रेंज कार्यालय लाया गया।
पिछले साल भी इस क्षेत्र में कटे थे हजारों हरे पौधे, मामला दर्ज होने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं
मोहनगढ के नहरी क्षेत्र में हरे पेड़ पौधे काटना अब आम बात हो गई। जब भी हरे पेड़ काटते हुए कोई पकड़ा जाता है या किसी वाहन में गिली लकड़ी भरी बरामद होने पर वन विभाग व पुलिस के अधिकारियों पर मंत्रियों, नेताओं व जन प्रतिनिधियों के कॉल आने शुरू हो जाते है। मामले को रफा दफा करने के लिए दबाव बना देते है। आरोपियों को नेताओं द्वारा छुड़वा दिया जाता है। जिसके चलते हरे पेड़ पौधों को काटने वालों के होंसले बुलंद होते नजर आ रहे है। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी अरूण कुमार सोनी का कहना था कि इसी क्षेत्र में पिछले ग्राम पंचायत नेहड़ाई के सरपंच रमेश कुमार बींजानी, राजेन्द्र पुत्र चेत राम द्वारा मिल कर हजारों की संख्या में वन विभाग के हरे पेड़ पौधे काटे गए थे। जिसका मामला भी दर्ज करवाया गया। उसके बाजवूद उस पर एफआर लगा दी गई। श्री जम्भेश्वर पर्यावरण व वन्य जीव संरक्षण के जिलाध्यक्ष सदराम खिलेरी द्वारा भी उचित कार्यवाही करने को लेकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन, वन विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई गई। उसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। जिसकी वजह से अब इनके होंसले बुलंद होते जा रहे है।
Published on:
12 Nov 2022 08:12 pm

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