22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पराली जलाने पर थानेदार कार्रवाई का सामने के लिए रहें तैयार: उपायुक्त

पिछले कुछ दिनों से पराली जलाने के मामलों की लगातार रिपोर्टों को गंभीरता से लेते हुए जालंधर जिला उपायुक्त विशेष सारंगल ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया।

2 min read
Google source verification
पराली जलाने पर थानेदार कार्रवाई का सामने के लिए रहें तैयार: उपायुक्त

जलती पराली

पिछले कुछ दिनों से पराली जलाने के मामलों की लगातार रिपोर्टों को गंभीरता से लेते हुए जालंधर जिला उपायुक्त विशेष सारंगल ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि अगर उनके अधिकार क्षेत्र में खेत में पराली जलाने की एक भी घटना देखी जाती है, तो भी थानेदार और क्लस्टर अधिकारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

उपायुक्त सारंगल ने खेतों में आग को घटनाओं को शून्य सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारियों और क्लस्टर टीमों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किए जाएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करते हुए एक रिपोर्ट उनके उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जालंधर ग्रामीण मुखविंदर सिंह भुल्लर ने थानेदारों को 24 घंटे फील्ड में रहने का आदेश दिया है। पराली जलाने पर तत्काल रोक लगाने के शीर्ष न्यायालय के निर्देशों के बाद, उपायुक्त और एसएसपी ने जिला प्रशासनिक परिसर में सभी एसडीएम, डीएसपी और थाना प्रभारियों के साथ एक संयुक्त बैठक की।

उपायुक्त ने कहा कि शाहकोट, लोहियां और फिल्लौर के कुछ हिस्सों सहित कुछ क्षेत्रों में धान की कटाई अगले कुछ दिनों में की जाएगी और हमें मुख्य फोकस रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्लस्टर अधिकारियों और एसएचओ को जमीन पर अपनी उपस्थिति दिखानी चाहिए जो लोगों को अवशेष जलाने से प्रभावी ढंग से रोकेगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निवारक कार्रवाई सहित सभी उपाय करने को कहा।

सरपंचों के साथ बैठकें करें

सारंगल ने अधिकारियों से कहा कि वह सरपंचों के साथ बैठकें करें और बाद में गुरुद्वारों, मंदिरों और अन्य स्थानों पर सार्वजनिक घोषणा के अलावा क्षेत्रों में पैदल मार्च भी करें। एसएसपी मुखविंदर सिंह भुल्लर ने भी थानेदारों को अगले कुछ दिनों के लिए पुलिस थानों से बाहर आने और खेतों में रहने का आदेश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके क्षेत्र में कोई भी अवशेष जलाने की घटना न हों।

तो थानेदार को जिम्मेदार ठहराया जाएगा

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के निर्देशों के अनुसार, यदि उनके क्षेत्र में खेत में आग लगने की कोई घटना देखी जाती है, तो थानेदार को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उन्हें किसी भी मामले को रोकने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि खेतों में लगने वाली आग को कम करने के लिए थाना प्रभारियों को क्लस्टर अधिकारियों के साथ एक योजना तैयार करनी चाहिए।


बड़ी खबरें

View All

जालंधर

पंजाब

ट्रेंडिंग