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राज्य को नशा मुक्त करना, फसल विभिन्नता, दलहन पर एमएसपी, कानून व्यवस्था और व्यापार हैं मुख्य मुद्दा एसवाईएल नहीं : सिद्धू

सिद्धू ने कहा कि मौजूदा समय में पंजाब का मुख्य मुद्दा एसवाईएल नहीं बल्कि राज्य को नशा मुक्त करना, फसल विभिन्नता, दलहन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), कानून व्यवस्था और व्यापार हैं। उन्होने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र की जनकल्याण योजनाओं को लागू नहीं कर लोगों के साथ धोखा कर रही है।

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राज्य को नशा मुक्त करना, फसल विभिन्नता, दलहन पर एमएसपी, कानून व्यवस्था और व्यापार हैं मुख्य मुद्दा एसवाईएल नहीं : सिद्धू

राज्य को नशा मुक्त करना, फसल विभिन्नता, दलहन पर एमएसपी, कानून व्यवस्था और व्यापार हैं मुख्य मुद्दा एसवाईएल नहीं : सिद्धू

जालंधर. पंजाब के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि सतलुज यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) के मुद्दे पर बहस की चुनौती देकर मुख्यमंत्री भगवंत मान लोगों को गुमराह कर दोफाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं।

सिद्धू ने कहा कि मौजूदा समय में पंजाब का मुख्य मुद्दा एसवाईएल नहीं बल्कि राज्य को नशा मुक्त करना, फसल विभिन्नता, दलहन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), कानून व्यवस्था और व्यापार हैं। उन्होने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र की जनकल्याण योजनाओं को लागू नहीं कर लोगों के साथ धोखा कर रही है। सिद्धू ने कहा कि पिछले 25 वर्षों से एसवाईएल का मुद्दा चल रहा है। एसवाईएल का कोई उदेश्य नहीं है यह केवल लोगों को आपस में लड़ाने के लिए है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि पंजाब के दरियाओं में पानी का स्तर बेहद कम हो चुका है इसलिए एसवाईएल नहर बनाने की बजाए जो भी पानी पंजाब के पास बचा है उसे व्यवस्थित करने की जरूरत है। उन्होंने ने कहा कि राज्य में 60 प्रतिशित बीमारियां केवल पीने के अशुद्ध पानी के कारण हैं। उन्होंने कहा कि काजोली वाटर वर्कस का पानी चंडीगढ़ को दिया जा सकता है तो पंजाब को क्यों नहीं दिया जा रहा। अगर राज्य के लोगों को पीने के लिए नहरी पानी उपलब्ध करवा दिया जाए तो आधी से अधिक बीमारियां अपने आप खत्म हो जाएंगी।


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