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जिस स्काउट के अपहरण का आरोप लगा उसे खुद सीओ स्काउट ही ले आई

बागरा निवासी एक स्काउट्स के परिजनों ने सीओ स्काउट गाइड पर लगाया अपहरण का आरोप, परिजनों के आरोप निराधार

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Kidnapping of the scout in Jalore

Kidnapping of the scout in Jalore

जालोर. शहर के कलक्ट्रेट कार्यालय में शुक्रवार को एक नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। सवेरे बागरा निवासी चंपाराम मेघवाल ने एसपी को ज्ञापन के माध्यम से सीओ स्काउट गाइड निशु कंवर पर अपने भाई सुरेश कुमार के अपहरण का आरोप लगाया और इस घटनाक्रम में मामला दर्ज करवाने की गुहार लगाई। इससे पूर्व इसी मामले में सीओ स्काउट गाइड ने भी एसपी को सवेरे ज्ञापन सौंपा। मामले में सीओ निशु कंवर का कहना है कि इस युवक ने कार्यालय से 7 हजार रुपए चुराए थे और इस मामले में युवक से समझाइश भी की थी और परिजनों को बुलाने के लिए कहा गया था। इस दौरान इस स्काउट ने अपने हाथों से एक पत्र लिखकर भी दिया, जिसमें उसने 7 हजार रुपए लौटाने पर सहमति देते हुए यह भी कहा कि यदि यह राशि वह नहीं लौटा पाए तो उसे पुलिस को सुपुर्द कर दिया जाए। नाटकीय रूप में सीओ स्काउट गाइड व उसके पति शाम करीब 4 बजे उसे स्वयं कोतवाली लेकर पहुंच गए।
भाई का यह आरोप
इस घटनाक्रम में स्काउट सुरेश कुमार के भाई चंपालाल ने ज्ञापन में बताया कि करीब 25 दिन पूर्व सीओ निशु कंवर के कार्यालय में सफाई के लिए अस्थायी तौर पर जालोर लगवाया गया था, लेकिन घरेलू कार्य से 24 अपे्रल को उसका भाई घर आया। इसी दौरान सीओ स्काउट नीशु कंवर ने कॉल किया कि सुरेश को अरजेंट भेजो तब 25 अपे्रल को सुरेश कार्यालय पहुंच गया। 26 अप्रेल शाम 5.30 बजे नीशु कंवर उनके घर आई जिसके साथ मदनलाल सरगरा व जिला शिक्षा अधिकारी भी थे। उन्होंने सुरेश कुमार द्वारा 7 हजार रुपए कार्यालय से चुराने की बात कही। आरोप है कि सीओ स्काउट ने इस दौरान उन्हें धमकाया। जिस पर परिवार सहित वे कार्यालय पहुंचे तो जानकारी में आया कि सुरेश को पूरी रात को बंधक बनाया गया तथा उसके पास से 1000 रुपए रोकड़ व पॉकेट तथा अन्य दस्तावेज, मोबाइल नीशु कंवर ने ले लिए। ज्ञापन में आरोप है कि सुरेश पर दबाव बनाकर 7 हजार रुपए चोरी का पत्र लिखवाया गया। ज्ञापन में मामले की जांच कर प्रकरण दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की गई।
सीओ का कहना शादी समारोह में जा रहे थे
परिजनों ने सीओ पर ही युवक के अपहरण का आरोप लगाया था। इधर, सीओ व उसके पति ही शाम को इस युवक को लेकर कोतवाली पहुंच गए। सीओ स्काउट नीशु कंवर का कहना था कि वे और उसके पति पाली जिले में शादी में शरीक होने के लिए पाली की तरफ जा रहे थे। आहोर से आगे रास्ता खराब होने से वे कानीवाड़ा होते हुए निकले, जहां उन्हें यह युवक पैदल चलता हुआ दिखा, जिसके बाद वे उसे लेकर कोतवाली पहुंच गए। इस मामले में थाना प्रभारी राजेंद्रसिंह राठौड़ का भी कहना है कि युवक से पूछताछ के बाद पहले स्तर पर मामला अपहरण का नहीं लग रहा। युवक ने खुद ही घर से बाहर निकलने की बात कही है और अपहरण से इनकार किया है।
आरोप निराधार
आरोप निराधार है। स्काउट ने रुपए चुराए थे। जिसके बाद उसे परिजनों को लेकर आने के लिए कहा गया था। उसने लिखित में एक पत्र भी दिया था। अपहरण का आरोप बेबुनियाद है। परिजनों के आरोप भी निराधार है।
- नीशु कंवर, सीओ स्काउट
कानीवाड़ा से मिला
एसपी को रिपोर्ट पेश की थी। इस बीच खोजबीन के दौरान सुरेश कानीवाड़ा में मिला। वह धवला, ऊण होते हुए वहां पहुंचा था। कारण अभी कुछ भी बताया नहीं है।
- चंपालाल, भाई
अपहरण का मामला नहीं लग रहा
इस मामले में युवक के बयान हुए हैं, जिसमें उसने बताया 25 तारीख को अपनी इच्छा से ही बाहर निकला था। पहले स्तर पर अपहरण का मामला नहीं लग रहा। मामले में परिजनों के बयान भी हो रहे है।
- राजेंद्रसिंह राठौड़, कोतवाल, जालोर

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