
जिम्मेदार निरीक्षण करते तो देवदा नहीं बनता देवड़ी
मील के पत्थर के पास ही लगा भ्रमित करने वाला बोर्ड, डामरीकरण के बाद लगाए बोर्ड पर लिखा गलत नाम
नारणावास. यह सार्वजनिक निर्माण की कार्य प्रणाली ही है कि गांवों के नाम तक बदल दिए। जी हां, जिस गांव का नाम देवदा है उसका नाम देवड़ी कर दिया गया। बोर्ड भी उसी जगह लगा रखा है जहां पहले से ही इस गांव का सही नाम लिखा मील का पत्थर स्थापित है। यह नजारा विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण के दावों की पोल खोल रहा है। जिम्मेदार सड़क का अवलोकन करते तो इस गलती पर ध्यान जरूर जाता।
मामला निकटवर्ती नागणी गांव से देवदा तक बने सड़क मार्ग का है। निर्माण विभाग ने नागणी गांव से देवदा तक सड़क पर डामरीकरण किया है। साथ ही यहां गांव का नाम अंकित करते हुए बोर्ड लगाया, लेकिन बोर्ड पर गलत नाम लिख दिया गया। ग्रामीण महावीर सिंह, ओबसिंह, जोगसिंह, जबरसिंह आदि ने बताया कि गलत नाम को देखकर इस मार्ग से गुजरने वाले अनजान वाहन चालक भ्रमित हो रहे हैं। आरोप लगाया कि देवदा जैसे सम्मानजनक शब्द को देवड़ी लिखकर गांव की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है। ऐसे ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की।
हर समय हादसे का अंदेशा
देवदा गांव में बनाई सीसी रोड की पटरी तक नहीं बनाई, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं। किनारे ऊंचे होने से हल्के वाहन नीचे उतारने पर हादसे का अंदेशा बना हुआ है। सीसी रोड पर ठेकेदार की ओर से डाली गई रेत नहीं हटाने से धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
निर्माण में मनमर्जी चला रहे ठेकेदार
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के बाद जिम्मेदार ध्यान ही नहीं देते। ऐसे में ठेकेदार मनमर्जी से काम करते हैं। इस निर्माण में भी ऐसा ही हुआ है। गलत नाम लिखा बोर्ड लगाने से लोग भ्रमित हो रहे हैं, लेकिन कई दिनों बाद भी जिम्मेदारों की नजर में नहीं आया है।
ठीक करवा देंगे...
बोर्ड पर गलती से देवदा की जगह देवड़ी नाम लिख दिया होगा इसे ठीक करवा देंगे।
-एसएल सुथार,एक्सइएन, पीडब्ल्यूडी, जालोर
Published on:
02 Jul 2019 12:48 pm
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