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मड़वा प्लांट में नौकरी की मांग को लेकर भू-विस्थापितों ने घेरा थाना

भूविस्थापित पिछले चार दिनों से लछनपुर में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार को लछनपुर के सरपंच व विस्थापित नेताओं को पुलिस ने 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया।

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Ashish Gupta

Jun 26, 2015

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जांजगीर-चांपा.
भूविस्थापित पिछले चार दिनों से लछनपुर में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार को लछनपुर के सरपंच व विस्थापित नेताओं को पुलिस ने 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार हुए सरपंच की नि:शर्त रिहाई की मांग को लेकर सैकड़ों महिलाएं दो घंटे तक थाने का घेराव करती रहीं। पुलिस ने किसी तरह उन्हें मनाया, तब जाकर लोग शांत हुए। मड़वा प्लांट के आवासीय कालोनी में लछनपुर के किसान व भूविस्थापित बीते चार दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे।


क्या है मामला

किसानों व भूविस्थापित प्लांट में नौकरी नहीं मिलने से परेशान हैं और चरणबद्ध आंदोलन कर रहे थे। मंगलवार को कलक्टोरेट में त्रिपक्षीय वार्ता थी। अधिकारियों ने भूविस्थापितों को साफ कह दिया था कि मुआवजा मिलने के बाद अलग से नौकरी नहीं दी जाएगी। त्रिपक्षीय वार्ता विफल होने के बाद ग्रामीण फिर धरने पर बैठ गए। इनके धरने में बैठने के बाद पुलिस की टीम शुक्रवार को मौके पर पहुंची और किसानों को धरना प्रदर्शन समाप्त करने की चेतावनी दी। किसान मौके से नहीं हट रहे थे। तब पुलिस ने लछनपुर के सरपंच तेरसराम यादव व कांग्रेस नेता गिरधारी यादव समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। इनमें सरपंच के खिलाफ धारा 151 की कार्रवाई की गई।


दो घंटे तक तनाव का माहौल

इससे लछनपुर के ग्रामीण तैश में आ गए और सरपंच के खिलाफ बिना कार्रवाई किए उसे छोडऩे की मांग लेकर वे थाने का घेराव करने लगी। पुलिस ने अपना रुख कड़ा रखा और सरपंच व कांग्रेस नेता को नहीं छोड़ा। सैकड़ों महिलाएं व ग्रामीण थाने के बाहर शाम 4 से 6 बजे तक नारेबाजी करते बैठे रहे। वहीं सरपंच जमानत पर रिहाई की बजाए नि:शर्त रिहाई चाह रहा था।


लगातार दो घंटे तक दोनों पक्षों में मान मनौवल का दौर चलता रहा। आखिरकार एसडीओपी पीसी राय ने सरपंच तेरसराम यादव को समझाया। वहीं एएसपी विजय अग्रवाल ने कांग्र्रेस नेता गिरधारी यादव को भी समझाया। एक घंटे चली समझाइश के बाद बड़ी मुश्किल से वे माने और जमानत के कागजात पर दस्तखत किए। दो घंटे बाद महिलाएं व पुरुष अपने-अपने घर को लौटे। इस दौरान थाने में तकरीबन दो घंटे तक तनाव का माहौल था।

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