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एफसीआई के गोदाम से सरकारी अनाज लेकर निकला ट्रक, बंद फैक्ट्री में हो रहा था खाली

एफसीआई के गोदाम से सरकारी अनाज लेकर निकला ट्रक, बंद फैक्ट्री में हो रहा था खाली

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एफसीआई के गोदाम से सरकारी अनाज लेकर निकला ट्रक, बंद फैक्ट्री में हो रहा था खाली

रतलाम। एफसीआई के गोदाम से महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण आहार के लिए निकला गेहूं व चांवल निजी औद्योगिक क्षेत्र के निजी गोदाम में उतरने की सूचना पर शुक्रवार शाम पुलिस-प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचा। यहां आए अनाज की हेरफेर के मामले में पुलिस ने जब खाद्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को जांच के लिए बुलाया तो उन्होने पुराने दस्तावेजों को देख क्लीन चीट दे दी थी। सूचना पर कांग्रेसी नेता भी मौके पर पहुंचे और हंगामा खड़ा कर दिया। कलेक्टर को सूचना मिलने पर तहसीलदार गोपाल सोनी मौके पर पहुंचे और देखते ही मामला संदेहास्पद नजर आने पर उन्होने गोदाम व ट्रक में रखा माल सील कर दिया।

पुलिस को सूचना मिली थी कि सरकारी गेहूं औद्योगिक क्षेत्र में एक बंद पड़ी फैक्टरी में उतरता है, जहां से उसमें हेरफेर किया जाता है। सूचना पर प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। यहां जांच में करीब ७०० बोरी गेहूं-चांवल मिला है। मामला अनाज का होने से खाद्य विभाग व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया तो उन्होने बिना कुछ जांचे परखे दस्तावेज सही होना कहकर मामला रफा दफा कर दिया था। इस बीच सूचना पर कांग्रेस नेता पारस सकलेचा, नेता प्रतिपक्ष यास्मीन शैरानी, जेम्स चाको, विनोद मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचे और जो विभाग मामले को रफादफा करने में लगे थे, उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए।

तीन ट्रक माल था
प्रशासन की जांच में मौके पर तीन ट्रक माल मिला। इसमें एक ट्रक का माल खाली हो चुका था, जबकि एक ट्रक खाली हो रहा था और तीसरा ट्रक बाहर खड़ा था। इसमें दो ट्रक गेहूं से भरे थे, जबकि एक में चांवल थे। जांच के लिए मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने भी पंचनामा बनाया है। इसमें वैभव जैन के साथ तीनों ट्रक चालक मराठो का वास निवासी मोहम्मद रईस व मोहम्मद रफीक व आरिफ के कथन लिए गए है। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य लोगों से जानकारी लेकर मामले में हेरफेर की आशंका को देखते हुए फिलहाल गोदाम को सील कर दिया है।

तो क्यो बदल रहे थे बोरियां
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि बंद फैक्टरी में माल सफाई के लिए कैसे लाया गया यह जांच का विषय है। यदि सब कुछ सही था तो सरकारी बोरियां का माल नई बिना सील की बोरियों में क्यो भरकर पैक किया जा रहा था। हमने यहां पब्लिक पंचनामा बनाया है, जो हम आमजन के सामने रखेंगे। ताकि सभी को पता चल सके कि यहां के चुनिंदा लोग सरकार से ठेका लेकर अपना व उसका पेट भरने में लगे है।

चार वर्षों से कर रहा काम
मेहताजी का वास निवासी वैभव जैन ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र स्थित साधना महिला मंडल में वह प्रबंधक का काम करता है। ट्रक से जो माल शासकीय गोदाम से आता है, वह उसका हिसाब रखता है, लेकिन मौके पर नहीं। यहां पर सिद्धी विनायक स्व सहायता समूह के अध्यक्ष मंजू द्विवेदी व गुनगुन स्व सहायता समूह की उमा श्रीवास्तव के कहने पर ट्रकों की बिल्टी से मिलाकर माल उतरवाते है। बाद में फैक्टरी देवेंद्र जोशी को सुपुर्द कर कांटा पर्ची लेकर चला जाता हूं। यह काम बीते चार वर्षों से कर रहा हूं।

इनका कहना है
समूह का अनाज है
- सिद्धी विनायक व गुनगुन स्व सहायता समूह को गेहूं दिया जाता है। वह उसे यहां लाकर इसकी साफ-सफाई करते है। शहर क्रमांक एक में 156 व 133 केंद्र शहर दो में है, उसका यह अनाज है। समूह उनका अनाज वह कहीं भी ले जा सकते है।
बीएल मालवीय, परियोजना अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग

बंद पड़ी है फैक्टरी
- गेहूं व चावल के यहां पर तीन ट्रक आने की सूचना थी। एक खाली हो गया था। एक खाली हो रहा था और एक बाहर खड़ा है। यहां महिला बाल विकास विभाग का पोषण आहार साफ सफाई के लिए लाया जाना बताया जा रहा है, लेकिन यहां फैक्टरी बंद स्थिति में पाई गई है। अनुबंध भी वर्ष २०१४ का मिला है और आरओ भी १५ अक्टूबर का दिखाया गया है। प्रारंभिक दौर पर मामला शंकास्पद है। हम पूरी प्रक्रिया की जांच करेंगे।गोपाल सोनी, तहसीलदार