
जशपुरनगर। भवन डीएमएफ फंड से 22.72 लाख रुपए की लागत से तैयार हुआ था। यहां स्थापित विभिन्न मशीनों की लागत करीब 34 लाख रुपए है। यह प्रदेश का पहला उच्च स्तरीय लैब है, जिसमें विभिन्न उत्पादों के रॉ. मटेरियल को प्रसंस्कृत कर उन्हें विक्रय के लिए सी मार्ट में भेजा जाएगा। इससे समूहों को सुनिश्चित आमदनी प्राप्त होगी। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सहराहनीय पहल की जा रही है।
समूह की महिलाओं को विभिन्न खाद सामर्ग्री का पैंकिंग करने के लिए जिला प्रशासन ने खनिज न्यास निधि मद से 22.72 लाख रुपए की लागत खाद्य उत्पाद प्रसंस्करण प्रयोगशाला एवं पैकेजिंग केंद्र से तैयार किया गया है। केन्द्र में लगभग 34 लाख रुपए लागत से विभिन्न मशीनों लगाया गया है। जशपुर जिले में प्रदेश का पहला उच्च स्तरीय लैब जिला प्रशासन ने तैयार किया है जिसमें विभिन्न उत्पादों के रॉ-मटेरियल को प्रसंस्कृत कर उन्हें विक्रय के लिए सी मार्ट में भेजा जा रहा है। खाद्य उत्पाद प्रसंस्करण प्रयोगशाला एवं पैकेजिंग से समूह की महिलाओं के हाथों में रोजगार मिला है और वे सी-मार्ट में विक्रय हेतु भेजने के लिए खाद्य सामग्री काजू, आचार, पापड़, हल्दी मशाला, चायपत्ती, जीराफूल, जौवफूल चावल, आटा, रागी, कोदो-कुटकी बिक्री करने के लिए पैंकिंग का कार्य कर रही हैं।
नदी का जीर्णोद्धार किया
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जशपुर के भ्रमण और भेंट मुलाकात के दौरान विगत दिवस 26 जून को सरना एथनिक रिसोर्ट में जशपुरवासियों ने बांकी नदी के जीर्णोद्धार जल संरक्षण संवर्धन के सराहनीय कार्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बांकी नदी को संरक्षित करने के लिए कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल, जिला प्रशासन और जशपुर वासियों की जनसहभागिता से बांकी नदी को संरक्षित करने का सार्थक कार्य किया जा रहा है। श्रमदान और अंशदान कर लगभग 3 किमी लम्बी बांकी नदी का जीर्णोद्धार कर दिया, जिसकी चर्चा देश भर में हो रही है।
भेंट मुलाकात के दौरान बांकी नदी से जुड़े प्रतिनिधि मण्डलों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल साथ मिलकर कलेक्टर जशपुर रितेश अग्रवाल की उपस्थिति में जल आंदोलन का विस्तृत वृतांत बताया, जिसे बहुत ही गम्भीरता से मुख्यमंत्री ने सुना और नागरिकों के इस अभियान को भरपूर सहयोग देने हेतु कलेक्टर रितेश अग्रवाल की सराहना भी की। जल आंदोलन के प्रतिनिधियों ने 18 किमी लम्बी बांकी नदी का जीर्णोद्धार नरवा मिशन के तहत करने की मांग की जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सहर्ष स्वीकार करते हुए इस संबंध में कलेक्टर जशपुर को निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बांकी नदी के उद्गम से लेकर संगम तक नदी के दोनों तटों पर वृक्षारोपण सहित जल ग्रहण क्षेत्र का समग्र उपचार करने का भी निर्देश दिया है।
Published on:
29 Jun 2022 04:04 pm
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