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ODF के नाम पर लाखों का गबन, कमिश्नर ने महिला सरपंच खिलाफ FIR कराने के दिए आदेश

* सरपंच चंद्रकला ने सरगुजा कमिश्रर पर लगाए आरोप, कहा चुनावों में दुष्प्रचार करने की है कोशिश। * जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम पंचायत दोकड़ा में हुआ घोटाला।

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जशपुरनगर. एक तरफ जहा देश के प्रधानमंत्री का कहना है "न खाएंगे न खाने देंगे " वही छत्तीसगढ़ इस जिले में केंद्र सरकार की योजनाओं का धड़ल्ले से धज्जिया उडाई जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर से लेकर गांवों तक शौचालय बनवाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से जिले भर में करोड़ों-अरबों रुपए खर्च किया गया है। जशपुर को खुले में शौच मुक्त जिला घोषित कराने की होड़ में कितनी कमियों पर पर्दा डालकर तमगा हासिल कर लिया गया।तमगा के लिए रुपयों को पानी की तरह बहाया गया। अब उक्त बहाए गए पानी को समेटने की कोशिश प्रदेश सरकार के प्रशासनिक अमले के द्वारा शुरू कर दी गई है। इसकी शुरूआत जशपुर जिले में कांसाबेल विकासखंड के ग्राम पंचायत दोकड़ा से शुरू हो चुकी है।

दोकड़ा ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मनरेगा और अन्य मदों से एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई जिसमें से 38 लाख 54 हजार रुपए का गबन कर लिए जाने की पुष्टि सरगुजा संभाग के आयुक्त इमिल लकड़ा के द्वारा कराई गई जांच से हुई है। यहां 2014 से 2018 तक कुल 748 शौचालय का निर्माण कराया गया जिसमें से 200 से अधिक शौचालय का या तो निर्माण ही शुरू नहीं किया गया और अपूर्ण छोड़कर उसका फिर राशि आहरण कर लिया गया। ऐसा ही 3 लाख 55 हजार रुपए का स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर गबन किया गया और 60 हजार रुपए कचरा पेटी के नाम भी गबन किए जाने की पुष्टि हो चुकी है।

सरगुजा संभाग के कमिश्नर के द्वारा कराई गई जांच में गबन की पुष्टि हो जाने के बाद आरोपी सरपंच चंद्रकला भगत और सचिव जगेश्वर दास और भूपेंद्र यादव व रोजगार सहायक दिनेश भगत से वसूली करने के साथ ही उनके खिलाफ अपराध दर्ज कराने के निर्देश बगीचा एसडीएम आईएएस रोहित व्यास को दिए गए हैं।

यह है मामला
मामला जिले के कांसाबेल तहसील के ग्राम पंचायत दोकड़ा का है। इस पंचायत में कमीश्नर इमील लकड़ा के प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी जिसमें जयनंदन चौधरी भी शामिल हैं। इस पर कमीश्नर ने अपने स्तर पर इस मामले की जांच करा कर 13 जनवरी को एक आदेश जारी कर कलेक्टर को कार्रवाई का आदेश दिया है। इस पत्र के मुताबिक ग्राम पंचायत दोकड़ा में वर्ष 2014-15 से अब तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में 34 लाख 38 हजार 61 रुपए और स्वच्छता अभियान के तहत कचरा पेटी खरीदी में 60 हजार रुपए का गबन किया गया है। इसी तरह स्ट्रीट लाइट निर्माण में 3 लाख 55 हजार रुपए की गड़बड़ी की गई है। कमिश्नर के आदेश के मुताबिक स्थानीय ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत की एक समिति के माध्यम से जांच कराया गया था। इस जांच में पंचायत में 38 लाख 54 हजार रूपए के गबन की पुष्टि हुई है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर ने तात्कालीन व वर्तमान सरपंच चंद्रकला भगत, पंचायत सचिव जागेश्वर दास, भूपेन्द्र यादव के खिलाफ गबन किए गए इस रकम की वसूली और थाने में एफआईआर दर्ज किए जाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

सरपंच ने लगाए कमिश्नर पर आरोप
38 लाख रुपए गबन किए जाने की प्रमुख आरोपी बनाए जाने के बाद सरपंच चंद्रकला भगत ने सरगुजा संभाग के कमिश्नर इमिल लकड़ा पर व्यक्तिगत निशाना साधकर जांच पड़ताल कराने और कार्रवाई कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे दोकड़ा के ही रहने वाले हैं और राजनीति से प्रेरित होकर मेरे खिलाफ जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करा रहे हैं। वे मेरा राजनीति करियर खत्म करना चाहते हैं। सरपंच द्वारा कमिश्नर के खिलाफ आरोप लगाए जाने पर मामला और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है।

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