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मॉर्निंग वॉक के दौरान शिक्षक को हार्ट अटैक, उपचार से पहले ही मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

Jashpur News: जशपुर शहर में रविवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान एक शिक्षक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

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Dead body (Demo pic)

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CG News: जशपुर शहर में रविवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान एक शिक्षक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

मिली जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के भैरोपुर माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक कार्तिकेश्वर निषाद पत्थलगांव के रेस्ट हाउस मोहल्ले में रहते थे। वे रोजाना की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए जशपुर रोड की ओर निकले थे। इसी दौरान थाना के सामने दुर्गा पंडाल के पास उन्हें अचानक तेज पसीना आने लगा और उनकी तबीयत बिगड़ गई। संभवत: उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।

साथ में टहल रहे लोगों ने तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे युवक सचिन सामंत ने उन्हें कृत्रिम सांस देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी। परिजन उन्हें पहले एक निजी क्लीनिक और फिर एक डॉक्टर के निवास पर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत बता दिया। इसके बाद परिजन उन्हें सिविल अस्पताल भी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की।

निजी क्लीनिक में अधिक समय

लोगों का आरोप है कि कई डॉक्टर अस्पताल के सामने अपने निजी क्लीनिक संचालित करते हैं, जिसके कारण कई बार अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वर्षों से खाली है विशेषज्ञ का पद

स्थानीय लोगों का कहना है कि सिविल अस्पताल में संसाधनों के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी कमी बनी हुई है। अस्पताल में दस डॉक्टर पदस्थ हैं, लेकिन एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली है। पूर्व में यहां पदस्थ डॉ. पीके सुथार के तबादले और सेवानिवृत्ति के बाद अब तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हो सकी है।

अस्पताल में एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर पदस्थ नहीं हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शिक्षक की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हृदयघात से हो चुकी थी। -डॉ. जेम्स मिंज, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, पत्थलगांव