
चालान से मौत
जौनपुर. ऑटो चालक (Auto Driver) का इतना चालान (Challan) कट गया कि उसकी मौत हो गई। परिवहन विभाग ने जब उसे जुर्माने की रकम सुनाई तो वो वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां चिकितकों ने जवाब दे दिया। फिर गंभीर हालत में बीएचयू (BHU) ले जाया गया। यहां भी आराम न मिला तो एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। उसके दम तोड़ते ही पूरा परिवार बेसहारा हो गया।
परिवहन विभाग के नये नियम (New Moter Vehical Act 2019) ने लाइन बाजार थानांतर्गत कलीचाबाद निवासी गणेश की जान ले ली। गणेश ही पूरा परिवार चलाता था। घर के मुखिया की मौत से पूरा परिवार भूखमरी की कगार पर पहुंच गया है। परिवार वालो का आरोप है कि बीते 31 अगस्त को परिवहन विभाग की पीटीओ ने उसके आटो रिक्शा का 18 हजार पांच सौ रूपये का चालान काट दिया था। इतनी बड़ी राशि का चालान मिलते ही वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। उसका इलाज पहले जौनपुर में कराया गया लेकिन हालत खराब होने पर उसे वाराणसी के बीएचयू में भर्ती कराया गया। वहां पर लापरवाही देखते हुए एक प्राईवेट अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी उपचार की दरम्यान मौत हो गयी।
ये हुआ था उस दिन
गणेश आटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। बीते 31 अगस्त को परिवहन विभाग की प्रर्वतन अधिकारी स्मिता वर्मा ने चेकिंग के दरम्यान उसके आटो नंबर यूपी 62 ए टी 3468 का परमिट,पर्यावरण फेल होने तथा ड्राईविंग लाईसेंस न होने समेत छह मामले में कुल 18 हजार पांच सौ रूपये का चालान काट दिया। प्रतिदिन चार से पांच सौ रूपये कमाकर अपने परिवार का पेट पालने वाला गणेश अग्रहरि इतनी बड़ी रकम का चालान कटने से सदमे में आ गया। उसके परिवार का आरोप है कि चालान कटने के बाद से ही वो बीमार हो गया। उसे स्थानीय चिकितकों को दिखाया गया, लेकिन हालत ठीेक न होने पर उसे वाराणसी ले जाया गया। वहां पर बदइंतजामी को देखते हुए एक प्राईवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस अस्पताल में तीन लाख रूपये खर्च हुआ आखिरकार अपनी जिंदगी की जंग लड़ते हुए उसने बीते 23 सितम्बर को गणेश ने दम तोड़ दिया।
By Javed Ahmad
Published on:
26 Sept 2019 09:37 am

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