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भाईचारे का प्रतीक है कजगांव का ऐतिहासिक कजली मेला

राजेपुर के कजरी का ऐतिहासिक मेला पिछले कई दशकों से भारतीय लोक गीत कजली की पहचान बनाये हुए है

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Varanasi Uttar Pradesh

Aug 09, 2017

जौनपुर. पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते वर्चस्व के कारण जहां अनेक भारतीय लोक परम्परायें या तो विलुप्त हो गयी या खात्मे के कगार पर है उन्हीं लोक परम्पराओं में एक कजगांव और राजेपुर के कजरी का ऐतिहासिक मेला पिछले कई दशकों से भारतीय लोक गीत कजली की पहचान बनाये हुए है। यह मेला प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 12 अगस्त को हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा । कजरी के इस मेले में कहीं भी कजरी का मुकाबला या कजरी गायकों का जमघट दिखाई नही बावजूद इसे यह मेला कजरी के नाम से सुविख्यात है। यह मेला अश्लीलता में शलीलता का भाव लिये शुरू और समाप्त होता है। जिसमें जीजा, साला, साली, दुल्हन, दुल्हा जैसे रिश्ते को गाली- गलौज और अश्लील हरकतों से विदाई करने की बात कही जाती है। आश्चर्य तो तब होता है जब दोनों पड़ोसी गांव राजेपुर के ऐतिहासिक पोखरे के दो छोर पर हाथी,ऊंट,घोड़ा,गदहा पर सवार बैंण्डबाजे और आतिशबाजी के साथ अपने ही गांव, घर की महिलाओं के समक्ष अश्लील गालियां व अश्लील हाव-भाव का प्रदर्शन करते हैं।

इस ऐतिहासिक मेले के बारे में कजगांव निवासी ह्दयनरायन गौड़ और राजेपुर निवासी आनन्द कुमार गुप्ता का कहना है कि इस मेले में अश्लीलता के समावेश में कजगांव व राजेपुर गांव का प्रेम सौहार्द आपसी भाईचारा का गहरा संबंध है, जिससे सिर्फ प्यार और मुहब्बत का पैगाम मिलता है। यही कारण है कि दोनों गांव के लोग अश्लील शब्दों में अश्लील हरकतों का बौछार के बावजूद आपस में प्रेम और भाईचारा का पैगाम देते हैं। यहां के लोग समाज को इस परम्परागत कजरी के माध्यम से यह संदेश देते हैं। इस मेले के बारे में बुजुर्गों का मानना है कि राजेपुर के ऐतिहासिक पोखरे में कजगांव की कुछ बालिकायें जरई धोने गई थी, उसी समय राजेपुर गांव की कुछ बालिकायें वहां पहुंचती है और दोनों पक्षों में कजरी लोकगीत का दंगल शुरू हो गया जो दिन और रात तक चलता रहा। इससे प्रसन्न होकर जद्दू साव ने कजगांव की बालिकाओं का आदर सम्मान करते हुए वस्त्राभूषण से सुसज्जित कर उनकी विदाई किया तभी से इस मेले का शुभारम्भ हुआ जो आज भी जारी है , दोनों गांव के दुल्हे एक दूसरे गांव के बारातियों से दुल्हन की मांग करते हुए प्रत्येक वर्ष कुंवारें ही लौट जाते हैं।